8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारी क्यों मांग रहे हैं 5 MACP अपग्रेडेशन? जानें वजह और प्रस्ताव
मौजूदा व्यवस्था के तहत, केंद्रीय कर्मचारियों को 10, 20 और 30 वर्षों की नियमित सेवा पूरी करने पर तीन वित्तीय अपग्रेड दिए जाते हैं. हालांकि, कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि यह ढांचा वरिष्ठता और बढ़ते उत्तरदायित्वों को सही मायने में पुरस्कृत करने में असमर्थ रहा है.
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के समक्ष केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखना शुरू कर दिया है. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस पैनल के साथ परामर्श के दौरान कर्मचारी संगठनों ने संशोधित आश्वासित करियर प्रगति (MACP) योजना में व्यापक बदलाव की मांग उठाई है.
पुडुचेरी में 9 सितंबर को अपना परामर्श सत्र समाप्त करने के बाद आयोग अब चंडीगढ़ में अगले सत्र की तैयारी कर रहा है. 3 नवंबर 2025 को गठित इस 18 महीने के कार्यकाल वाले आयोग का 10 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, जिसके चलते कर्मचारी संगठन लंबे समय से जारी करियर में ठहराव (Stagnation) की समस्या को दूर करने के लिए दबाव बना रहे हैं.
वर्तमान MACP ढांचा और इसकी सीमाएं
मौजूदा व्यवस्था के तहत, केंद्रीय कर्मचारियों को 10, 20 और 30 वर्षों की नियमित सेवा पूरी करने पर तीन वित्तीय अपग्रेड दिए जाते हैं. हालांकि, कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि यह ढांचा वरिष्ठता और बढ़ते उत्तरदायित्वों को सही मायने में पुरस्कृत करने में असमर्थ रहा है.
10 वर्ष का लंबा अंतराल उन संवर्गों (Cadres) के कर्मचारियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है जहां पदोन्नति के अवसर सीमित हैं. इसके अलावा, वर्तमान में MACP के तहत मिलने वाला लाभ केवल अगले पे-मैट्रिक्स लेवल तक सीमित होता है, जो कि पदोन्नति वाले पद का वास्तविक वेतन (Promotional Hierarchy) नहीं होता.
विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के मुख्य प्रस्ताव
करियर में ठहराव को खत्म करने और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए विभिन्न कर्मचारी महासंघों ने आयोग को 5 वित्तीय अपग्रेड के निम्नलिखित प्रस्ताव सौंपे हैं:
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मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (सर्वे ऑफ इंडिया): 8, 15, 22, 28 और 32 वर्षों की सेवा पर 5 वित्तीय अपग्रेड का प्रस्ताव दिया गया है. संगठन की मांग है कि MACP केवल अगले पे-लेवल के बजाय सीधे 'प्रमोशनल पद' के वेतनमान के अनुरूप होना चाहिए.
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फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO): 6, 12, 18, 24 और 30 वर्षों की सेवा पर 5 अपग्रेड की सिफारिश की गई है. साथ ही, यह मांग भी रखी गई है कि पदोन्नति से इनकार करने की स्थिति में MACP का लाभ नहीं रोका जाना चाहिए.
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नेशनल काउंसिल-जेसीएम (स्टाफ साइड): 30 वर्ष के सेवाकाल में 5 वित्तीय प्रगति और इसे पदोन्नति पदानुक्रम से जोड़ने की मांग की है.
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रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS): इस बात पर जोर दिया है कि 10 साल का मौजूदा अंतर उन कर्मचारियों के करियर को बुरी तरह प्रभावित करता है जिनके पास पदोन्नति के रास्ते बेहद सीमित हैं.
आगे की प्रक्रिया
8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले आगामी क्षेत्रीय दौरों के दौरान इन सभी ज्ञापनों और सुझावों का मूल्यांकन जारी रखेगा. यदि आयोग इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और करियर विकास में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.