5 Judges Appointed to Supreme Court: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के तबादले को मंजूरी देने में देरी पर केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि इसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक और न्यायिक दोनों तरह की कार्रवाइयां हो सकती हैं जो कि सुखद नहीं हो सकती हैं.
नई दिल्ली: जजों (Judges)की नियुक्ति को लेकर केंद्र (Centre) और न्यायपालिका (Judiciary) के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच केंद्र ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में नियुक्ति के लिए पांच जजों के नामों को मंजूरी दे दी. 13 दिसंबर, 2022 को शीर्ष अदालत (Apex Court) की वेबसाइट (Website) पर अपलोड किए गए एक बयान में कहा गया था. Assam Child Marriage: असम में बाल विवाह के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन, 2044 लोग गिरफ्तार, 4000 से ज्यादा केस दर्ज
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 13 दिसंबर को हुई अपनी बैठक में उच्च न्यायालयों के निम्नलिखित मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति की सिफारिश करने का संकल्प लिया: न्यायमूर्ति पंकज मिथल, मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय (मूल उच्च न्यायालय (पीएचसी: इलाहाबाद); न्यायमूर्ति संजय करोल, मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय (पीएचसी: हिमाचल प्रदेश); न्यायमूर्ति पी.वी. संजय कुमार, मुख्य न्यायाधीश, मणिपुर उच्च न्यायालय न्यायालय (पीएचसी: तेलंगाना); न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय; और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय.
केंद्र ने अब उपरोक्त सभी पांच नामों को शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के रूप में अधिसूचित किया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ हैं. शीर्ष अदालत में 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत शक्ति है और वर्तमान में 27 न्यायाधीशों के साथ काम कर रही है. इस प्रकार, सात रिक्तियां हैं.
अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ को सूचित किया था कि पांच न्यायाधीशों के नामों को बहुत जल्द मंजूरी दे दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के तबादले को मंजूरी देने में देरी पर केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि इसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक और न्यायिक दोनों तरह की कार्रवाइयां हो सकती हैं जो कि सुखद नहीं हो सकती हैं.
पीठ ने कहा था,हमें कोई स्टैंड न लेने दें जो बहुत असुविधाजनक होगा. उन्होंने कहा कि यदि न्यायाधीशों के स्थानांतरण को लंबित रखा जाता है, तो यह गंभीर मुद्दा बन जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 04, 2023 07:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

