Manipur Shutdown: 3 मैतेई नागरिकों की हत्या के विरोध में मणिपुर में 48 घंटे का बंद; सामान्य जनजीवन ठप, 3 संदिग्ध गिरफ्तार
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन मैतेई नागरिकों की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में 'नेटिव पीपल्स कमेटी मणिपुर' द्वारा आहूत 48 घंटे के राज्यव्यापी बंद से घाटी के पांचों जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इस बंद के दौरान इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग में बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, बैंक और स्कूल-कॉलेज बंद रहे और सड़कों से सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह नदारद रहा.
इंफाल: मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा तीन ग्रामीणों की हत्या के बाद उपजा तनाव एक बार फिर व्यापक विरोध प्रदर्शनों में बदल गया है. 'नेटिव पीपल्स कमेटी मणिपुर' (NPCM) द्वारा 19 अक्टूबर की आधी रात से बुलाए गए 48 घंटे के बंद के चलते मंगलवार और बुधवार को राज्य के घाटी जिलों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया.
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी कार्यालयों के बंद रहने के अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मार्गों पर टायर जलाकर यातायात बाधित किया. आपातकालीन, स्वास्थ्य और धार्मिक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है.
जलाऊ लकड़ी बीनने गए 3 मैतेई ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या
यह ताजा तनाव कांगपोकपी जिले के खोंगबल तांगखुल की तलहटी (सुनुरोक पहाड़ियों) के पास 19 अक्टूबर को हुए घातक हमले के बाद पैदा हुआ:
- घात लगाकर हमला: ग्रामीणों का एक समूह जंगल में सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गया था, तभी संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं.
- मृतकों की पहचान: हमले में लारेनपकम इनाओबी मैतेई (40), अरीबम नोनी मैतेई (35) और के. सुशील सिंह (30) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन से चार अन्य ग्रामीण घायल हो गए.
- सीएम आवास पर प्रदर्शन: घटना के विरोध में स्थानीय लोग और आक्रोशित भीड़ दो मृतकों के शवों को लेकर इंफाल स्थित मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के आवास तक पहुंच गई और सुरक्षा में चूक की जवाबदेही तय करने की मांग की.
इंफाल घाटी में चक्का जाम, टायर जलाकर प्रदर्शन
बंद का सबसे व्यापक असर इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में देखा गया:
- सड़कें सूनी, बाजार बंद: ख्वैरमबंद बाजार सहित सभी प्रमुख मंडियां और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। सड़कों पर केवल पुलिस और आवश्यक सेवाओं के वाहन ही नजर आए.
- प्रदर्शनकारियों की नाकेबंदी: प्रदर्शनकारियों ने क्वाकीथेल, चिंगमेइरोंग और खुरई लामलोंग जैसे प्रमुख चौराहों पर टायर जलाकर विरोध जताया और सड़कों को अवरुद्ध किया.
- NPCM की मांगें: संगठन ने हमले के लिए जिम्मेदार सशस्त्र समूहों के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई, संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने और अनधिकृत उग्रवादी कैंपों पर सख्ती की मांग की है.
3 संदिग्ध गिरफ्तार, हथियार और विस्फोटक बरामद
घटना के बाद हरकत में आई सुरक्षा बलों और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीमों ने आसपास के पहाड़ी इलाकों में सघन तलाशी अभियान (Combing Operation) शुरू किया:
- गिरफ्तारियां: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) लारी दोरजी ल्हाटू के अनुसार, 19 अक्टूबर के हमले से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
- बरामदगी: तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और तीन आईईडी (Improvised Explosive Devices) बरामद किए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क और हमले की साजिश की जांच कर रही है.
कुकी-जो नागरिक की हत्या के बाद तनाव, CoTU का 24 घंटे का बंद
इस बीच, 20 अक्टूबर को कांगपोकपी जिले के पी. मोल्डिंग गांव के नजदीकी जंगल में बांस की कोपलें इकट्ठा करने गए पाओलेन खोंगसाई नामक एक कुकी-जो व्यक्ति की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
इस हत्या और पहले मामले में हुई गिरफ्तारियों को लेकर कांगपोकपी के कुकी-जो संगठन 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (CoTU) ने भी 20 अक्टूबर की आधी रात से 21 अक्टूबर की आधी रात तक 24 घंटे के बंद का ऐलान कर दिया. दोनों पक्षों की ओर से बंद और जवाबी तनाव के चलते मई 2023 से जातीय हिंसा से जूझ रहे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा बलों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है.