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कोरोना वायरस से जंग: केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया आरोग्य सेतु का महत्व, पलक झपकते ही उपलब्ध होगी मदद और गाइडेंस

भारत सरकार ने कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए 2 अप्रैल को आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) नाम का मोबाइल एप लॉन्च किया था. इस एप को लेकर गुरुवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Union Min Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि आज भारत सरकार और तमिलनाडु के बीच एक बहुत ही अच्छी पहल की शुरुआत हुई है, आरोग्य सेतु IVRF को लॉन्च किया गया है. जैसे ही आप एक बार मिस कॉल देते हैं ये तभी एक्टिवेट हो जाएगा, आपकी लोकेशन की पहचान कर ली जाएगी. इस पर हेल्थकेयर के लिए मदद और गाइडेंस उपलब्ध होगी. आज इसकी पायलट योजना थी इसे दूसरे राज्यों में भी जल्द ही लागू किया जाएगा. ये नॉन-स्मार्टफोन के लिए भी है.

कोरोना वायरस से जंग: केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया आरोग्य सेतु का महत्व, पलक झपकते ही उपलब्ध होगी मदद और गाइडेंस
रविशंकर प्रसाद (Photo Credits-ANI Twitter)

भारत सरकार ने कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के लिए 2 अप्रैल को आरोग्य सेतु (Aarogya Setu) नाम का मोबाइल एप लॉन्च किया था. इस एप को लेकर गुरुवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Union Min Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि आज भारत सरकार और तमिलनाडु के बीच एक बहुत ही अच्छी पहल की शुरुआत हुई है, आरोग्य सेतु IVRF को लॉन्च किया गया है. जैसे ही आप एक बार मिस कॉल देते हैं ये तभी एक्टिवेट हो जाएगा, आपकी लोकेशन की पहचान कर ली जाएगी. इस पर हेल्थकेयर के लिए मदद और गाइडेंस उपलब्ध होगी. आज इसकी पायलट योजना थी इसे दूसरे राज्यों में भी जल्द ही लागू किया जाएगा. ये नॉन-स्मार्टफोन के लिए भी है.

बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने की अपील करते हुए कहा कि यह कोविड-19 खिलाफ देश की लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि प्रौद्योगिक के जरिये महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाती है. जब ज्यादा से ज्यादा से लोग इनका उपयोग करते हैं, इससे इसका प्रभाव बढ़ता है.

जानें क्या है 'आरोग्य सेतु एप'

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आरोग्य सेतु एप विकसित किया है. इस एप के माध्यम से लोग कोरोना संक्रमण से पीड़ित होने के जोखिम का मूल्यांकन करने में सक्षम होंगे. किसी व्यक्ति के अन्य लोगों के साथ संपर्क के आधार पर यह आकलन किया जाएगा और इसके लिए ब्लूटूथ तकनीक, एल्गोरिद्म और कृत्रिम बुद्धिमता (AI) का उपयोग किया जाएगा. यह एप छात्रों, शिक्षकों और उनके परिजनों के लिए सहायक होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2020 12:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).