Stock Market Holiday: अगले हफ्ते लगातार 3 दिन क्यों बंद रहेंगे NSE और BSE? जानिए वजह और निवेशकों पर इसका असर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार लंबे अवकाश से पहले और बाद में बाजार की चाल में बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, ब्याज दरों और अन्य व्यापक आर्थिक कारकों पर निर्भर करती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Stock Market Holiday Update: भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) अगले सप्ताह लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे. 26 जून 2026 को मुहर्रम (Muharram) के अवसर पर शेयर बाजार में अवकाश रहेगा. इसके बाद 27 जून (शनिवार) और 28 जून (रविवार) को नियमित साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बाजार में कारोबार नहीं होगा. ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स को लगातार तीन दिनों के ब्रेक का सामना करना पड़ेगा.

शेयर बाजार में लंबी छुट्टी के कारण निवेशकों और ट्रेडर्स को अपनी रणनीति पहले से तैयार करनी होगी. आमतौर पर ऐसे लंबे अवकाश से पहले बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी पर असर देखने को मिलता है.

कब-कब बंद रहेगा शेयर बाजार?

तारीख दिन कारण
26 जून 2026 शुक्रवार मुहर्रम अवकाश
27 जून 2026 शनिवार साप्ताहिक अवकाश
28 जून 2026 रविवार साप्ताहिक अवकाश

इस तरह शेयर बाजार में शुक्रवार से रविवार तक लगातार तीन दिनों की छुट्टी रहेगी. बाजार अब सीधे 29 जून 2026 (सोमवार) को खुलेगा.

निवेशकों और ट्रेडर्स पर क्या होगा असर?

लंबे अवकाश से पहले कई निवेशक और ट्रेडर्स अपने खुले हुए सौदों (Open Positions) को बंद करना पसंद करते हैं ताकि छुट्टी के दौरान किसी वैश्विक घटना या आर्थिक घटनाक्रम से होने वाले जोखिम से बचा जा सके. इसके चलते बाजार में कारोबार की मात्रा कम हो सकती है और खरीद-बिक्री के बीच का अंतर (Bid-Ask Spread) बढ़ सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे वीकेंड से पहले कई बार निवेशक नई पोजिशन लेने से बचते हैं. ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

2026 में कितनी छुट्टियां रहेंगी?

एनएसई और बीएसई के वार्षिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में शेयर बाजार कुल 15 आधिकारिक छुट्टियों के लिए बंद रहेगा. इन छुट्टियों के कारण सालभर में कई लंबे वीकेंड भी देखने को मिलेंगे.

क्या लंबे अवकाश का बाजार पर असर पड़ता है?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार लंबे अवकाश से पहले और बाद में बाजार की चाल में बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, ब्याज दरों और अन्य व्यापक आर्थिक कारकों पर निर्भर करती है.

लंबी छुट्टी के दौरान यदि कोई बड़ा वैश्विक घटनाक्रम होता है तो बाजार खुलने के बाद उसकी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है. ऐसे में 29 जून को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक घटनाओं पर रहेगी.

29 जून को फिर शुरू होगा कारोबार

मुहर्रम और सप्ताहांत की छुट्टियों के बाद एनएसई और बीएसई में कारोबार सोमवार, 29 जून 2026 को फिर से शुरू होगा. बाजार खुलने पर निवेशक छुट्टियों के दौरान आई खबरों और वैश्विक बाजारों के संकेतों के आधार पर निवेश संबंधी फैसले ले सकते हैं.

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