Bank of Baroda Data Breach Claim: बैंक ऑफ बड़ौदा में 1TB डेटा लीक का दावा; डार्क वेब पर ग्राहकों की वित्तीय जानकारी लीक होने का आरोप

सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक 'बैंक ऑफ बड़ौदा' के सिस्टम में सेंधमारी कर 1 टेराबाइट संवेदनशील डेटा डार्क वेब पर मुफ्त में उपलब्ध कराने का दावा एक हैकर ग्रुप द्वारा किया गया है. लीक हुए डेटा में ग्राहकों के खाते, ऋण संबंधी रिकॉर्ड और बैंक के आंतरिक ऑडिट दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं.

Bank of Baroda (Photo Credit: Wikipedia)

नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) (BoB) के सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. एक साइबर थ्रेट एक्टर (हैकर) ने बैंक के आंतरिक सिस्टम में सेंध लगाकर लगभग 1 टेराबाइट (1TB) डेटा चोरी करने और उसे डार्क वेब पर मुफ्त में सार्वजनिक करने का दावा किया है.

इस कथित डेटा लीक में भारत भर की विभिन्न शाखाओं के व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट खाताधारकों की जानकारी, ऋण रिकॉर्ड और बैंक के गोपनीय आंतरिक दस्तावेज शामिल होने की बात कही जा रही है. यह भी पढ़ें: Bank Holidays Next Week: 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें पूरा हॉलिडे शेड्यूल

सोशल मीडिया पर लीक की जानकारी आई सामने

इस कथित साइबर हमले की जानकारी सबसे पहले 'कैशलेसकंज्यूमर' (CashlessConsumer) के संस्थापक और सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत लक्ष्मणन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की. उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा एजेंसी 'साइबर दोस्त' (@Cyberdost) को टैग करते हुए अधिकारियों से इस मामले की तत्काल जांच करने का आग्रह किया.

श्रीकांत लक्ष्मणन के अनुसार, 25 जुलाई को डार्क वेब मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म द्वारा इस लीक को पहली बार देखा गया था. ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए सैंपल फाइलों के शुरुआती सत्यापन में बैंक के ब्रांच ऑडिट रिपोर्ट, लोन अप्रेजल दस्तावेज, सतर्कता जांच की फाइलें, 'बॉब वर्ल्ड' (bob World) ऑडिट रिपोर्ट और ग्राहकों के आवेदन फॉर्म पाए गए हैं.

हैकर ने कथित तौर पर डार्क वेब पर 1TB संवेदनशील डेटा लीक किया

कथित लीक डेटा में क्या-क्या शामिल है?

दावों के अनुसार, डार्क वेब पर पोस्ट किए गए डंप में निम्नलिखित संवेदनशील जानकारियां शामिल बताई जा रही हैं:

साइबर हमले के पीछे किसका हाथ?

यद्यपि किसी हैकर समूह ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसके पीछे 'TripleX' नामक एक नया हैकिंग ग्रुप हो सकता है.

मई में इसी हैकर समूह ने इंडोनेशिया के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक (PT Bank Negara Indonesia) के सिस्टम में सेंध लगाकर लगभग 2TB डेटा चोरी करने का दावा किया था.

बैंक और नियामकों की प्रतिक्रिया

खबर लिखे जाने तक बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) की ओर से इस कथित डेटा लीक पर कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है. सूत्रों के अनुसार, बैंक आंतरिक स्तर पर डेटा की प्रामाणिकता की जांच कर रहा है.

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