जेडएसआई ने उभयचरों की 20 प्रजातियों को 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' के रूप में सूचीबद्ध किया

एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) ने अपनी बेवसाइट पर भारतीय उभयचरों की सूची को अपडेट किया है।

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पणजी, 17 मई भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने भारतीय उभयचरों की 20 प्रजातियों को गंभीर रूप से लुप्तप्राय और 35 को लुप्तप्राय के तौर पर सूचीबद्ध किया है।

एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) ने अपनी बेवसाइट पर भारतीय उभयचरों की सूची को अपडेट किया है।

उन्होंने बताया कि उभयचरों की 'गंभीर रूप से लुप्तप्राय' 20 प्रजातियों में केरल के पश्चिमी घाटों, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पूर्वोत्तर की कुछ पहाड़ियों में पाए जाने वाले मेंढकों की कुछ प्रजातियां शामिल हैं।

गोवा में रहने वाले पर्यावरणवादी निर्मल यू कुलकर्णी ने बताया कि व्यापक सूची में रिकॉर्ड किए गए उभयचर प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यह 2009 में 284 थी जो अब 447 हो गई हैं। यह जांच सूची जेडएसआई ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है।

वह जांच सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में शामिल थे।

उन्होंने बताया कि सचीबद्ध किए गए उभयचरों में से 20 प्रजातियां गंभीर रूप से लुप्तप्राय हैं और 35 प्रजातियां लुप्तप्राय हैं।

कुलकर्णी ने कहा कि सूची को अपडेट करने से सरीसृप विज्ञान छात्रों, शोधार्थियों, संरक्षण वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को भारत के उभयचरों की विविधता और नई शब्दावली समझने में मदद मिलेगी।

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