तिरुपति (आंध्र प्रदेश), 25 जुलाई युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के वरिष्ठ नेता और तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष बी करुणाकर रेड्डी ने तिरुपति मंदिर में मची भगदड़ पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को शुक्रवार को खारिज कर दिया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से मामले की जांच कराने की मांग की।
उनका आरोप है कि रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण है और ऐसा लगता है कि इसका निष्कर्ष पहले से ही तय था।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एम सत्यनारायण मूर्ति द्वारा तिरुपति के बैरागीपट्टेडा में पद्मावती पार्क में हुई भगदड़ पर प्रस्तुत रिपोर्ट को बृहस्पतिवार को स्वीकार कर लिया। यह भगदड़ आठ जनवरी 2025 को मची थी।
एमजीएम स्कूल के पास बैरागीपट्टेडा में भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और लगभग 40 घायल हो गए थे।
रेड्डी ने मंदिर नगरी में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि इसका निष्कर्ष पहले से ही तय था, क्योंकि इसमें घटना के लिए जिम्मेदार सभी मुख्य व्यक्तियों को छोड़ दिया गया है, जिनमें टीटीडी, राजस्व (विभाग) और पुलिस अधिकारी शामिल हैं, लेकिन जानबूझकर दो व्यक्तियों को बलि का बकरा बनाया गया है।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि दो व्यक्ति - हरिनाथ रेड्डी और रमण कुमार - भगदड़ के लिए जिम्मेदार हैं।
करुणाकर रेड्डी ने दावा किया कि मुख्य लोगों को कथित तौर पर बख्श दिया गया और छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की।
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