देश की खबरें | युवा भारतीय महिला खिलाड़ियों की आक्रामकता में पैनापन नहीं : विमल कुमार

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नयी दिल्ली, 19 अप्रैल भारत के पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार का मानना है कि युवा महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों को यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुकूल परिणाम हासिल करने हैं तो उन्हें अपने आक्रमण में पैनापन लाना होगा, अच्छे ‘फिनिशिंग स्ट्रोक’ विकसित करने होंगे और अपनी गति बढ़ानी होगी।

विमल 2003 से 2006 तक भारत के मुख्य कोच रहे थे। उन्होंने कहा कि उदीयमान महिला खिलाड़ियों में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है लेकिन उनकी साइना नेहवाल या पीवी सिंधू जैसी खिलाड़ियों से तुलना नहीं की जानी चाहिए।

इस 59 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने यहां चयन ट्रायल से इतर पीटीआई से कहा, ‘‘अचानक कई महिला एकल खिलाड़ी उभर कर सामने आ रही हैं। हम उनकी तुलना साइना या सिंधू से नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मैच खेलने से बेहतर परिणाम दे सकती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मानक ऊंचे नहीं है। कैरोलिना मारिन, नजोमी ओकुहारा और ताइ जु यिंग जैसी खिलाड़ी अपने करियर के अवसान पर हैं।’’

विमल ने कहा, ‘‘युवा खिलाड़ियों में कोरिया की आन सियोंग अच्छी है लेकिन चीनी खिलाड़ी बहुत प्रभावशाली नहीं हैं। वे हमेशा चोटिल रहती हैं। इसलिए हमें उम्मीद है।’’

भारतीय बैडमिंटन संघ आगामी थॉमस एवं उबेर कप (आठ से 15 मई, बैंकॉक), राष्ट्रमंडल खेल (28 जुलाई से आठ अगस्त, बर्मिंघम) और एशियाई खेल(10 से 25 सितंबर हांग्जो) के लिये टीम का चयन करने के लिये ट्रायल करवा रहा है।

वर्तमान राष्ट्रीय चयनकर्ता विमल ने कहा कि महिला बैडमिंटन खिलाड़ी जब तक अपने खेल में पैनापन नहीं लाती हैं तब तक उन्हें अनुकूल परिणाम हासिल करने के लिये इंतजार करना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उन सभी को अच्छा फिनिशिंग स्ट्रोक विकसित करने की जरूरत है। वे सभी रैलियां खेल रही हैं, उन्हें बेहतर शुरुआत करने की आवश्यकता है।’’

विमल ने कहा, ‘‘इन खिलाड़ियों को तेज़ शॉट खेलने होंगे और अधिक गति दिखानी होगी। उन्हें अपने शॉट में पैनापन लाना होगा। ऐसा तब होगा जब वे यूरोप में जाकर खेलेंगे। यूरोप में चैलेंजर्स और सीरीज प्रतियोगिताएं काफी कड़ी होती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एकल में भारत के पास लगभग 10 खिलाड़ी हैं जो कि अच्छा है। ये खिलाड़ी अगले एक साल में विश्व रैंकिंग में शीर्ष 50 में जगह बना सकते हैं।’’

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