देश की खबरें | पॉक्सो मामले में आरोपी येदियुरप्पा को सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए: सिद्धरमैया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कथित मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) स्थल आवंटन घोटाले के संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के ‘‘नैतिक अधिकार’’ पर सवाल उठाते हुए बुधवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए क्योंकि वह यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के एक मामले में आरोपी हैं।
मैसुरु (कर्नाटक), सात अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कथित मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) स्थल आवंटन घोटाले के संबंध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बी. एस. येदियुरप्पा द्वारा उनके इस्तीफे की मांग के ‘‘नैतिक अधिकार’’ पर सवाल उठाते हुए बुधवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए क्योंकि वह यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के एक मामले में आरोपी हैं।
येदियुरप्पा ने हाल में मांग की थी कि कथित एमयूडीए स्थल आवंटन घोटाले के खिलाफ बेंगलुरु से भाजपा-जनता दल (सेक्युलर) के विरोध मार्च के मैसुरु पहुंचने से पहले सिद्धरमैया को इस्तीफा दे देना चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि एमयूडीए ने उन लोगों को मुआवजे के तौर पर भूखंड आवंटित करने में अनियमितता बरती, जिनकी जमीन का ‘‘अधिग्रहण’’ किया गया है। मुआवजे के तौर पर भूखंड प्राप्त करने वालों में सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती भी शामिल हैं। इसके खिलाफ मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सप्ताह भर की बेंगलुरु से मैसुरु की पदयात्रा शुरू की गयी है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘येदियुरप्पा पर पॉक्सो मामले में आरोप लगाया गया है, आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। अदालत की कृपा के कारण वह जेल में नहीं बल्कि बाहर हैं। ऐसे मामलों में किसी को जमानत नहीं मिल सकती।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘येदियुरप्पा के पास क्या नैतिक अधिकार है? इस उम्र में वह पॉक्सो मामले में फंसे हैं...उन्हें सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए। इक्यासी साल की उम्र में उन पर एक लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है और वह पॉक्सो मामले में फंसे हैं...पहले उन्हें सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए।’’
यह मामला इस साल 14 मार्च को 17 वर्षीय एक लड़की की मां की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसने आरोप लगाया था कि येदियुरप्पा ने दो फरवरी को यहां डॉलर्स कॉलोनी स्थित अपने आवास पर एक बैठक के दौरान उसकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया था।
मामले की जांच कर रहे अपराध जांच विभाग ने 27 जून को एक त्वरित अदालत में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
एक अन्य सवाल के जवाब में सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘मैं उन मामलों के बारे में बोलूंगा जिनमें येदियुरप्पा शामिल हैं। वह 18-20 मामलों में शामिल हैं। मैं मैसुरु में नौ अगस्त को (कांग्रेस द्वारा) रैली के दौरान इसके बारे में बोलूंगा... हम उनकी जांच करा रहे हैं।’’
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