देश की खबरें | ‘याबा’ नशीली गोलियों के लिए नया बाजार बन सकता है भारत: सुरक्षा एजेंसियां
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बांग्लादेश से लगने वाली देश की उत्तरी सीमा पर ‘याबा’ नामक ड्रग्स की गोलियों की तस्करी की घटनाएं, फेंसिडाइल कफ सिरप से दोगुनी से अधिक हो गई हैं जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं और उन्हें इस नई चुनौती से निपटने के लिए नए तरीके ढूंढने पर विवश होना पड़ा है।
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर बांग्लादेश से लगने वाली देश की उत्तरी सीमा पर ‘याबा’ नामक ड्रग्स की गोलियों की तस्करी की घटनाएं, फेंसिडाइल कफ सिरप से दोगुनी से अधिक हो गई हैं जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं और उन्हें इस नई चुनौती से निपटने के लिए नए तरीके ढूंढने पर विवश होना पड़ा है।
सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट और अधिकारियों के माध्यम से यह जानकारी सामने आई।
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मादक पदार्थ याबा की गोलियों को ‘क्रेजी मेडिसिन’ भी कहा जाता है।
एक केंद्रीय सुरक्षा संगठन द्वारा तैयार किए गए एक दस्तावेज के अनुसार वर्तमान में भारत इन लाल रंग की गोलियों की तस्करी के लिए “पारगमन” क्षेत्र है।
दस्तावेज में कहा गया कि जिस प्रकार इस नशीली दवा की भारत में आपूर्ति हो रही है उससे लगता है कि याबा को देश के नशा करने के आदी लोगों के वर्ग में पैठ बनाने में देर नहीं लगेगी।
दस्तावेज के अनुसार याबा की ऊंची मांग के चलते, फेंसिडाइल कफ सिरप की तस्करी शामिल लोग अब इन गोलियों का अवैध धंधा अपनाने लगे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई- से कहा, “पिछले दो साल में याबा की बड़ी खेप पकड़ी गई है जिसके बाद सीमा पार से इसकी तस्करी और हमारे देश के भीतर इन गोलियों के इस्तेमाल के संबंध में मादक पदार्थ रोधी एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यह चिंताजनक है लेकिन एजेंसियां तैयार हैं।”
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