जरुरी जानकारी | भारत को सार्वजनिक भंडार से जरूरतमंद देशों को खाद्यान्न निर्यात करने की इजाजत दे डब्ल्यूटीओ: सीतारमण
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नयी दिल्ली, 15 जुलाई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से कहा कि वह भारत को उसके सार्वजनिक भंडार से ऐसे देशों को खाद्यान्न निर्यात की इजाजत दे जो खाद्य संकट से जूझ रहे हैं।
इंडोनेशिया के बाली में आयोजित वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गर्वनरों की तीसरी जी20 बैठक (एफएमसीबीजी) से इतर ‘खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना’ विषय पर एक संगोष्ठी में सीतारमण ने यह कहा।
डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार देशों को उनके सार्वजनिक भंडार से खाद्यान्न के निर्यात की अनुमति नहीं होती है क्योंकि इन्हें कम दरों पर खरीदा जाता है।
सीतारमण ने कहा, ‘‘डब्ल्यूटीओ इस तरह से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न को निर्यात के लिए बाजार में लाने की मंजूरी नहीं देता है। हम व्यापार करने के इच्छुक हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत भूख या खाद्य असुरक्षा को कम में मदद कर सकता है लेकिन डब्ल्यूटीओ से इसकी इजाजत नहीं है।
सिंगापुर के नेतृत्व में 70-80 देशों का समूह डब्ल्यूटीओ के सदस्य देशों पर दबाव बना रहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत खरीदे जाने वाले खाद्यान्न पर निर्यात पाबंदियों का विस्तार नहीं करने की बाध्यकारी प्रतिबद्धताओं को स्वीकार करे।
वित्त मंत्री ने कहा कि भोजन, ईंधन और उर्वरक वैश्विक सार्वजनिक वस्तुएं हैं और विकासशील तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं की इन तक पहुंच सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने खाद्य उत्पादन और वैश्विक खाद्य प्रणाली को मजबूत करने को भी आवश्यक बताया।
सीतारमण ने कनाडा की उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड से भी मुलाकात की।
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