देश की खबरें | विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एमपॉक्स संक्रमण रोकने के लिए पेश की योजना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसका अनुमान है कि सितंबर से अगले साल फरवरी तक लागू होने वाली इस योजना के लिए 13 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता होगी और इसका उद्देश्य संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित विशेष रूप से अफ्रीकी देशों समेत विभिन्न देशों में टीकों की आपूर्ति में सुधार करना है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसका अनुमान है कि सितंबर से अगले साल फरवरी तक लागू होने वाली इस योजना के लिए 13 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता होगी और इसका उद्देश्य संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित विशेष रूप से अफ्रीकी देशों समेत विभिन्न देशों में टीकों की आपूर्ति में सुधार करना है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदानोम गेब्रेयेसस ने एक बयान में कहा, “कांगो गणराज्य और आसपास के देशों में फैले एमपॉक्स के प्रकोप को नियंत्रित किया जा सकता है और इसपर लगाम लगाई जा सकती है।”
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह प्रभावित देशों में स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या तेजी से बढ़ा रहा है। अगस्त के मध्य में डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान एमपॉक्स प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में वर्गीकृत किया था।
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए की खबर के अनुसार जर्मनी सरकार के प्रवक्ता स्टीफन हेबेस्ट्रेट ने कहा कि जर्मनी प्रभावित देशों को एमपॉक्स की एक लाख खुराक दान कर रहा है।
पिछले मंगलवार, बुरी तरह प्रभावित देश कांगो में पिछले सप्ताह की तुलना में एमपॉक्स के 1,000 नए मामले दर्ज किए गए थे।
अफ्रीकी रोग नियंत्रण केंद्रों ने प्रकोप के बारे में ताजा जानकारी देते हुए कहा कि इस साल बृहस्पतिवार तक 12 अफ्रीकी देशों में 21,300 से अधिक संदिग्ध या पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं और 590 लोगों की मौत हुई है।
एमपॉक्स, चेचक की तरह होता है, लेकिन इसमें आमतौर पर बुखार, ठंड लगना और शरीर में दर्द जैसे हल्के लक्षण होते हैं। यह रोग अधिकतर एक व्यक्ति की त्वचा से दूसरे व्यक्ति की त्वचा में फैलता है। अधिक गंभीर मामलों में लोगों के चेहरे, हाथ, छाती और जननांगों पर घाव हो सकते हैं।
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