जरुरी जानकारी | डेढ़ लाख करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह के लक्ष्य के लिए ‘मिशन मोड’ में काम किया जाए : आदित्यनाथ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि समेकित प्रयासों से प्रदेश में माल एवं सेवा कर संग्रह में सतत बढोतरी हो रही है। वर्ष 2021-22 में 98,107 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह जीएसटी, क्षतिपूर्ति व वैट से हुआ, इसे और बेहतर करने की जरूरत है।

लखनऊ, छह जुलाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि समेकित प्रयासों से प्रदेश में माल एवं सेवा कर संग्रह में सतत बढोतरी हो रही है। वर्ष 2021-22 में 98,107 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह जीएसटी, क्षतिपूर्ति व वैट से हुआ, इसे और बेहतर करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि 2022-23 की पहली तिमाही में हुआ रिकॉर्ड राजस्व संग्रह अबतक के प्रयासों के सही दिशा में होने की पुष्टि करता है। वर्ष 2022-23 के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये राजस्व संग्रह के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में नियोजित प्रयास किये जाएं।

एक सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के समक्ष बुधवार को लोक भवन में राज्य कर विभाग द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि जीएसटी उपभोग आधारित कर प्रणाली है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद एवं प्रति व्यक्ति आय तथा देश की जीडीपी की वृद्धि दर के दृष्टिगत ही राजस्व प्राप्ति होती है। अतः उपभोग बढ़ाने के लिए नियोजित प्रयासों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में इसके लिए अनुकूल माहौल है। डीलर आधार में वृद्धि के लिए राज्य कर विभाग द्वारा किये गए प्रयासों के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। सतत प्रयासों से वर्तमान में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 17.44 लाख हो गई है, जो कि देश में सर्वाधिक है। इसे आगामी एक वर्ष में 30 लाख पंजीकरण तक करने के ठोस प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व की चोरी राष्ट्रीय क्षति है। कर अपवंचन/कर चोरी रोकने के लिए सभी जिलों में एक कार्यबल गठित की जाए। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ छापेमारी की जाए।

उन्होंने पेट्रोल पंप पर घटतौली/मिलावट की शिकायत मिलती रहती हैं। यह भी एक प्रकार की कर चोरी है। यहां औचक छापेमारी कर कार्रवाई की जाए। आवश्यकतानुसार विभाग द्वारा एसटीएफ अथवा पुलिस के अन्य बलों की सहायता भी ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की कर प्रणाली में समस्त कार्य ऑनलाइन किए जाने से कई प्रकार के आंकड़े प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका आईटी ‘टूल’ के माध्यम से विश्लेषण करते हुए राजस्व संग्रह के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारिक उपयोग के लिए लीज, कोचिंग सेवाओं, बैंक्वेट हॉल, मॉल व बड़े कॉम्प्लेक्स में किराये की सेवा तथा अन्य सेवाओं पर नियमानुसार कर प्राप्त किया जाए। राजस्व संग्रह के लिए फील्ड स्तर के अधिकारियों से नियमित अंतराल पर सीधा संवाद किया जाए।

जफर

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