देश की खबरें | केरल के विझिंजम बंदरगाह पर महिलाएं क्रेन संचालन का कार्य कर रहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल का विझिंजम बंदरगाह न केवल देश का एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल है, बल्कि यह महिलाओं को रोजगार देने के लिए भी जाना जा रहा है। स्थानीय मछुआरा समुदाय की महिलायें यहां विशाल स्वचालित कैंटीलीवर रेल माउंटेड गैंट्री (सीआरएमजी) क्रेनों का संचालन कर रही हैं।
तिरुवनंतपुरम, आठ मार्च केरल का विझिंजम बंदरगाह न केवल देश का एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल है, बल्कि यह महिलाओं को रोजगार देने के लिए भी जाना जा रहा है। स्थानीय मछुआरा समुदाय की महिलायें यहां विशाल स्वचालित कैंटीलीवर रेल माउंटेड गैंट्री (सीआरएमजी) क्रेनों का संचालन कर रही हैं।
पुरुषों के वर्चस्व वाले इस क्षेत्र में नौ महिलाएं अपने पुरुष सहकर्मियों के साथ काम कर रही हैं।
बंदरगाह के एक अधिकारी के अनुसार ये महिलायें देश में पहली बार इस तरह की क्रेनों का संचालन कर रही हैं, क्योंकि ये पूरी तरह स्वचालित मशीनें भारत के किसी अन्य बंदरगाह पर उपलब्ध नहीं हैं।
इन महिलाओं में से सात आसपास के मछुआरा समुदाय से आती हैं जिन्होंने वर्ष 2022 में बंदरगाह निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। सभी स्नातक उत्तीर्ण हैं और अधिकतर के लिए यह पहली नियमित नौकरी है।
प्रीनू तीस वर्ष की है और उसने बीएससी केमिस्ट्री में स्नातक की उपाधि हासिल की है। वह पहले शिक्षिका बनना चाहती थी। उनके पिता और पति मछुआरे हैं, लेकिन मछली पकड़ने से होने वाली आय पर्याप्त नहीं थी।
इसी दौरान उन्होंने सुना कि बंदरगाह स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से विझिंजम की महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए क्रेन चलाने वालो की भर्ती कर रहा है।
उन्होंने पीटीआई- को बताया, "मुझे बताया गया कि यह एक स्थायी नौकरी है, इसलिए मैंने आवेदन किया और मेरा चयन हो गया। छह महीने पहले मैंने यहां काम शुरु किया, एक महीने का प्रशिक्षण लिया और फिर बतौर पर्यवेक्षक कुछ महीने काम किया। अब मैं स्वतंत्र रूप से क्रेन चला रही हूं।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)