देश की खबरें | बेटे के यौन उत्पीड़न की आरोपी महिला को जमानत मिली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने अपने नाबालिग बेटे का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने के लिये पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार की गई महिला को शुक्रवार को जमानत दे दी।

कोच्चि, 22 जनवरी केरल उच्च न्यायालय ने अपने नाबालिग बेटे का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने के लिये पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार की गई महिला को शुक्रवार को जमानत दे दी।

अदालत ने महिला पर लगे आपराधिक आरोपों को गंभीर और दुर्लभ बताते हुए राज्य के पुलिस प्रमुख को आगे की जांच के लिये किसी महिला आईपीएस अधिकारी को तरजीह देते हुए उनके नेतृत्व में विशेष दल गठित करने का निर्देश दिया।

उच्च न्यायलय ने आरोपी महिला की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

अदालत ने कहा कि यदि किसी ने बच्चे को ऐसे आरोप लगाने के लिये मजबूर या प्रताड़ित किया हो तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

अदालत ने कहा कि यदि जांचकर्ताओं को लगे तो, जांच पूरी होने तक बच्चे को उसके पिता के पास से बाल कल्याण समिति के तहत किसी गृह में ले जाया जा सकता है।

न्यायालय ने कहा, ''निस्संदेह, इस मामले में ममता की पवित्रता पूरी तरह तार-तार हुई है। एक मां नौ महीने तक अपने बच्चे को अपने गर्भ में रखती है। इसलिये मां और बच्चे का संबंध बच्चे के पैदा होने से पहले से ही होता है।''

अदालत ने कहा कि मां के अपने बच्चे से निस्वार्थ प्रेम, लगाव और अपनेपन की तुलना विश्व में किसी भी प्रकार के प्रेम से नहीं की जा सकती।

अदालत ने जमानत देते हुए अपने आदेश में कहा कि कोई भी मां अपने बच्चे के साथ ऐसा नहीं कर सकती।

गौरतलब है कि तिरुवनंतपुरम जिले के कडक्कावूर की रहने वाली महिला को अपने नाबालिग बेटे के यौन उत्पीड़न के आरोप में 28 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था । बच्चे को दिसंबर 2019 में शारजाह में उसके पिता के पास भेज दिया गया था।

शारजाह में किसी और महिला के साथ रह रहे आरोपी महिला के पति ने इस मामले में शिकायत दाखिल की थी।

शिकायत में कहा गया है कि बच्चे ने पिता के साथ रहते हुए उन्हें कथित रूप से इस बारे में बताया था।

सितंबर 2020 में वे भारत लौटे थे और 10 नवंबर 2020 को उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दी। पुलिस ने बच्चे की काउंसलिंग करने वाले सीडब्ल्यूसी अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट दाखिल किये जाने के बाद 13 नवंबर को मामला दर्ज किया था।

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