नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी विप्रो का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) का एकीकृत शुद्ध लाभ 2,667.3 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर बना रहा।
कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजारों को दी जानकारी में कमजोर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के कारण चालू तिमाही में राजस्व में 3.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है।
एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का एकीकृत लाभ 2,649.1 करोड़ रुपये रहा था।
विप्रो का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए आईटी सेवाओं की वृद्धि का अनुमान 3.5-1.5 प्रतिशत कम है, जो स्थिर मुद्रा के संदर्भ में लगभग 21,642.59 - 22,097.44 करोड़ रुपये है।
विप्रो ने कहा कि जुलाई-सितंबर अवधि में उसका एकीकृत परिचालन राजस्व हल्की गिरावट के साथ 22,515.9 करोड़ रुपये पर आ गया। पिछले साल की समान तिमाही में उसका परिचालन राजस्व 22,539.7 करोड़ रुपये रहा था।
विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थिएरी डेलपोर्टे ने कहा, “कारोबारी माहौल अनिश्चित रहा है और मुद्रास्फीति एवं ब्याज दरें ऊंची बनी हुई हैं। ग्राहक अपने निवेशों पर अधिक सख्त नजर रख रहे हैं। वे दक्षता, मौजूदा निवेश के अधिकतम इस्तेमाल और नए निवेश पर तेजी से रिटर्न पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि विवेकाधीन खर्चों में कमी आना आज की हकीकत है और इसकी वजह से ऑर्डर बुक का राजस्व में रूपांतरण धीमा हो गया है।
समीक्षाधीन तिमाही में विप्रो की आईटी सेवाओं का राजस्व घटकर 22,395.8 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल समान अवधि में 22,520.5 करोड़ रुपये था। हालांकि बाकी क्षेत्रों में कंपनी के कारोबार में मामूली वृद्धि हुई।
विप्रो के कारोबार में शीर्ष योगदान देने वाले बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा, विनिर्माण और उपभोक्ता खंडों में गिरावट आई है।
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