देश की खबरें | आपराधिक कानूनों से संबंधित विधेयक और महुआ के ‘निष्कासन’ के कदम का विरोध करेंगे: कांग्रेस

नयी दिल्ली, चार दिसंबर कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि वह संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में तीन आपराधिक कानूनों के स्थान पर लाए गए विधेयकों, निर्वाचन आयुक्त विधेयक तथा तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन के कदम का विरोध करेगी।

पार्टी ने यह भी कहा कि इस सत्र में देश की आर्थिक स्थिति तथा सीमा पर हालात पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के आवास पर एक रणनीतिक बैठक की जिसमें संसद के शीतकालीन सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला और जयराम रमेश तथा कुछ अन्य सांसद शामिल हुए।

बैठक के बाद जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार जो विधेयक ला रही है, जिन मुद्दों पर हम चर्चा चाहते हैं, उस बारे में बैठक में बातचीत की गई है। हम विधेयक पर चर्चा में भाग लेंगे। अपना विरोध और आपत्तियां खुलकर व्यक्त करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम कुछ विधेयकों के खिलाफ हैं। इनमें तीन आपराधिक कानूनों पर लाए गए विधेयकों के खिलाफ हैं क्योंकि ये बहुत खतरनाक विधेयक हैं। निर्वाचन आयुक्त विधेयक का हम विरोध करेंगे।’’

रमेश ने कहा, ‘‘हमने लोकसभा और राज्यसभा में मांग की है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इस पर अपनी मंजूरी देगी तथा महंगाई और बेरोजगारी जैसी स्थिति पर चर्चा होगी।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि इस सत्र में सीमा पर स्थिति तथा पर्यावरण के विषय को लेकर भी चर्चा होनी चाहिए।

रमेश के मुताबिक, मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी ‘चुप्पी’ तोड़नी चाहिए और दोनों सदनों में वहां की ‘गंभीर स्थिति’ पर चर्चा होनी चाहिए।

महुआ मोइत्रा के मामले पर रमेश ने कहा कि यह एक ‘‘राजनीतिक साजिश’’ है तथा मोइत्रा को निष्कासित करने के किसी भी प्रयास का कांग्रेस का विरोध करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम आचार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा चाहते हैं।’’

सरकार ने शीतकालीन सत्र की 15 बैठकों के लिए एक विधायी एजेंडा पेश किया है, जिसमें औपनिवेशिक युग के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लाए गए प्रमुख विधेयक, निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक रूपरेखा प्रदान करने से संबंधित विधेयक शामिल है।

संसद में ‘सवाल पूछने के लिए पैसे लेने’ से संबंधित शिकायत पर मोइत्रा को निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश करने वाली लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट भी सदन में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है।

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ और यह 22 दिसंबर तक के लिए निर्धारित है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)