देश की खबरें | मणिपुर में ‘डबल इंजन’ की सरकार क्यों नाकाम हुई : शिवसेना (यूबीटी)

मुंबई, 17 जून उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को मणिपुर हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्वोत्तर राज्य और केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार स्थिति को नियंत्रण में लाने में असफल हो गई है।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में एक महीने से अधिक समय से जातीय हिंसा जारी है। पिछले कुछ दिनों में राज्य में हिंसा की घटनाएं हुई हैं और भीड़ ने विदेश राज्यमंत्री आर के रंजन सिंह के इंफाल स्थित आवास में तोड़फोड़ की और उसमें आगजनी की कोशिश की गयी।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि कुकी उग्रवादियों द्वारा किए जा रहे हमले में हिंदुओं की मौत हो रही है और हिन्दुत्व के कथित ‘सुपरपॉवर’ (भाजपा का संदर्भ देते हुए) ने अपनी आंखें बंद कर ली है। पार्टी ने पूछा कि क्या मणिपुर के हिंदू, हिंदू नहीं हैं?

संपादकीय में लिखा गया, ‘‘सत्तारूढ़ दल के मुताबिक मणिपुर में डबल इंजन की सरकार है। भाजपा दावा करती है कि अगर एक पार्टी की सरकार हो जिसके मुताबिक भाजपा की राज्य और केंद्र में सरकार हो तो शासन और प्रशासन प्रभावी तरीके से काम करता है।’’

सामना ने लिखा, ‘‘तो फिर क्यों वहां (मणिपुर में)डबल इंजन की सरकार असफल है और अबतक राज्य में शांति स्थापित नहीं की जा सकी है?’’ पार्टी ने जानना चाहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अबतक इस गंभीर मुद्दे में क्यों नहीं बोला।

उसने पूछा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बताना चाहिए कि कुकी अग्रवादियों को कहां से राइफल और हथियार मिल रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दंगाइयों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए सेना, असम राइफल्स और मणिपुर द्रुत कार्य बल (आरएएफ) ने इंफाल में आधी रात तक संयुक्त मार्च निकाला।

अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद पहली बार तीन मई को झड़पें हुईं।

मेइती समुदाय की आबादी मणिपुर की कुल आबादी का लगभग 53 प्रतिशत है और इसके ज्यादातर सदस्य इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी कुल आबादी का 40 प्रतिशत है और वे अधिकतर पर्वतीय जिलों में रहते हैं।

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