देश की खबरें | डब्ल्यूएचओ का गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया में तीव्र कार्रवाई का आह्वान
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नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सदस्य देशों से सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई तेज करने का आह्वान किया।
दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई जन-केंद्रित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच पर हाल ही में अपनाई गई पारो घोषणा के अनुरूप होगी।
वैश्विक स्तर पर कोविड-19 महामारी से पहले, आठ में से लगभग एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या के साथ रहता था।
डॉ सिंह ने कहा कि उपचार में अंतराल अस्वीकार्य रूप से बड़े थे, विशेषकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में ऐसा ही था।
दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में, अनुमानित रूप से सात में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या के साथ ही रहता था, और जिन देशों में आंकड़े उपलब्ध है, वहां उपचार का अंतर 70-95 प्रतिशत के बीच था।
डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक ने एक बयान जारी कर कहा कि कोविड-19 महामारी ने स्वास्थ्य के सभी क्षेत्रों विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
डॉ सिंह ने कहा, ‘‘ वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर अवसाद संबंधी मानसिक परेशानियों की संख्या में 27 प्रतिशत से अधिक इजाफा हुआ था जबकि घबराहट होने संबंधी मानसिक परेशानियों की संख्या में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गयी थी।’’
ऐसा दुनिया के कई देशों में हुआ क्योंकि महामारी के कारण मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं थीं।
रवि कांत माधव
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