खेल की खबरें | विंबलडन महिला एकल का खिताब जीतने वाली पहली गैर वरीय खिलाड़ी बनी वोंद्रोसोवा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. चेक गणराज्य की 24 वर्षीय खिलाड़ी वोंद्रोसोवा ने दोनों सेट में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए पिछले साल की उपविजेता और छठी वरीयता प्राप्त जाबेउर को 6-4, 6-4 से हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया।

चेक गणराज्य की 24 वर्षीय खिलाड़ी वोंद्रोसोवा ने दोनों सेट में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए पिछले साल की उपविजेता और छठी वरीयता प्राप्त जाबेउर को 6-4, 6-4 से हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया।

टूर्नामेंट शुरू होने से पहले यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि वोंद्रोसोवा चैंपियन बनेगी। असल में वह खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ ऑल इंग्लैंड क्लब में नहीं आई थी। उनकी बायीं कलाई का ऑपरेशन हुआ था और इसलिए वह अपनी बहन के साथ लंदन घूमने के उद्देश्य से विंबलडन में खेलने के लिए आ गई। उनका यह दौरा हालांकि यादगार बन गया और वह ग्रैंड स्लैम चैंपियन बनकर घर लौटेगी।

वोंद्रोसोवा ने मैच के बाद कहा,‘‘ मैं वास्तव में नहीं जानती कि अभी क्या हो रहा है। यह शानदार एहसास है। मैं जिस दौर से गुजरी उसे देखते हुए यह वास्तव में शानदार है कि मैं यहां खड़ी हूं और मेरे हाथ में ट्रॉफी है।’’

वोंद्रोसोवा चोटिल होने के कारण पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर तक बाहर रही थी और 2022 के आखिर में उनकी विश्व रैंकिंग 99 पहुंच गई थी। वह पिछले साल विंबलडन में भाग नहीं ले पाई थी।

बाएं हाथ से खेलने वाली वोंद्रोसोवा की विश्व रैंकिंग 42 है और वह पिछले 60 वर्षों में विंबलडन में फाइनल में खेलने वाली पहली गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बनी थी। उनसे पहले यहां 1963 में फाइनल में पहुंचने वाली आखिरी गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बिली जीन किंग थी जो वेल्स की राजकुमारी केट के साथ रॉयल बॉक्स में उपस्थित थी।

मैच के बाद किंग ने वोंद्रोसोवा को गले लगाया और कहा,‘‘ पहली गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी। मुझे बहुत अच्छा लगा।’’

तेज हवा चलने के कारण सेंटर कोर्ट को छत से ढक दिया गया था जिसका वोंद्रोसोवा ने पूरा फायदा उठाया। उनके बाएं हाथ से लगाए गए शॉट अक्सर सही जगह पर गिरे।

वोंद्रोसोवा दोनों सेट में पिछड़ रही थी लेकिन पहले सेट में उन्होंने लगातार चार अंक बनाकर जीत दर्ज की जबकि दूसरे सेट में अंतिम तीन गेम जीतकर खिताब अपने नाम किया।

यह उनका पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। वह 2019 में फ्रेंच ओपन के फाइनल में हार गई थी। वर्तमान टूर्नामेंट से पहले विंबलडन में उनका रिकॉर्ड 1-4 था लेकिन इस बार उन्होंने लगातार सात मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया।

जाबेउर तीसरी बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में हारी है। ट्यूनीशिया की यह 28 वर्षीय खिलाड़ी किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली अरब महिला और उत्तरी अफ्रीका की एकमात्र महिला खिलाड़ी है।

वह पिछले साल ऑल इंग्लैंड क्लब में इलेना रायबाकिना से जबकि अमेरिकी ओपन में इगा स्वियातेक से हार गई थी।

जाबेउर ने कहा,‘‘ मुझे लगता है कि यह मेरे करियर की सबसे पीड़ादायक हार है। आज का दिन मेरे लिए बेहद मुश्किल भरा रहा लेकिन मैं हार नहीं मानूंगी। मैं दमदार वापसी करूंगी और एक दिन जरूर ग्रैंड स्लैम जीतने में सफल रहूंगी।’’

एपी

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