विदेश की खबरें | बाढ़ सहायता प्रभावित लोगों तक पहुंचे, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम करता है अमेरिका: प्राइस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और राहत सामग्री की लूट के आरोपों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए “पर्याप्त निगरानी तंत्र” स्थापित किया है कि उसकी सहायता प्रभावित लोगों तक पहुंचे।
वाशिंगटन/इस्लामाबाद, 12 अक्टूबर पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और राहत सामग्री की लूट के आरोपों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए “पर्याप्त निगरानी तंत्र” स्थापित किया है कि उसकी सहायता प्रभावित लोगों तक पहुंचे।
पाकिस्तान में जून के मध्य से शुरू हुई अभूतपूर्व बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ में 1,700 से अधिक लोग मारे गए हैं। बाढ़ की वजह से 3.30 करोड़ लोग विस्थापित हुए और देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार अमेरिका ने इस वर्ष पाकिस्तान को बाढ़ राहत एवं मानवीय सहायता के रूप में लगभग 5.65 करोड़ अमेरिकी डॉलर और खाद्य सुरक्षा सहायता के तौर अतिरिक्त एक करोड़ अमेरिकी डॉलर प्रदान किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र ने बाढ़ को लेकर एक पहल शुरू की थी, जिसके तहत 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने का प्रयास किया गया। हालांकि इसमें से केवल 3.85 करोड़ डॉलर की सहायता ही हासिल हो पाई।
प्राइस से जब मंगलवार को हुए संवाददाता सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और राहत सामग्री की लूट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “न केवल पाकिस्तान बल्कि दुनिया भर में जहां कहीं भी अमेरिकी करदाताओं का पैसा जाता है, उसे हम बहुत गंभीरता से लेते हैं।”
प्राइस ने उदाहरण देकर अमेरिकी सरकार की लेखा-जोखा संबंधी तरकीबों के बारे में भी बताया, जिनके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि मानवीय मदद उस काम लिए इस्तेमाल की जा रही है या नहीं, जिसके लिए यह दी गई है। इसके तहत ‘यूएसएआईडी’ के कर्मचारी नियमित रूप से उस स्थान पर जाते हैं, जहां मदद भेजी जा रही है। इसके अलावा स्थानीय संगठनों के साथ काम करने वाले साझेदार भी इस पर नजर रखते हैं।
प्राइस ने बताया, “हमारे पास डीएआरटी- आपदा सहायता प्रतिक्रिया बल है- और इसके सदस्यों ने बलूचिस्तान व सिंध प्रांतों में 10 से अधिक बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया है।”
पाकिस्तान के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि बाढ़ से 20 लाख से ज्यादा घर तबाह हो गए हैं।
सितंबर में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी थी कि मलेरिया जैसी बीमारियों में वृद्धि “दूसरी आपदा” का कारण बन सकती है।
पिछले हफ्ते, डब्ल्यूएचओ ने बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान के 32 जिलों में जनवरी 2023 तक मलेरिया के 27 लाख मामले सामने आने की चेतावनी दी थी।
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