संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक में कहा कि ‘‘पृथ्वी के आसपास की कक्षा में परमाणु हथियार स्थापित किया जाना अभूतपूर्व, खतरनाक और अस्वीकार्य होगा।’’
अमेरिका और जापान के इस प्रस्ताव का समर्थन करने की घोषणा तब की गयी है जब व्हाइट हाउस ने पिछले महीने पुष्टि की थी कि रूस ने उपग्रह रोधी हथियार क्षमता हासिल कर ली है, हालांकि ऐसा कोई हथियार अभी संचालन में नहीं है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बाद में घोषणा की थी कि मॉस्को का अंतरिक्ष में परमाणु हथियार तैनात करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने दावा किया था कि रूस ने केवल अमेरिका की तरह अंतरिक्ष क्षमताएं विकसित की हैं।
अमेरिका और रूस समेत करीब 114 देशों द्वारा अनुमोदित ‘आउटर स्पेस ट्रीटी’ के तहत कक्षा में ‘‘व्यापक पैमाने पर विनाश वाले परमाणु हथियार या किसी भी प्रकार के हथियारों की तैनाती’’ या ‘‘किसी भी तरीके से अंतरिक्ष में हथियारों’’ की तैनाती प्रतिबंधित है।
सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने वाले जापान के विदेश मंत्री योको कामीकावा ने कहा कि शीत युद्ध के ‘‘टकराव वाले माहौल’’ के दौरान भी प्रतिद्वंद्वी यह सुनिश्चित करने पर सहमत हुए हैं कि अंतरिक्ष सुरक्षित बना रहे।
एपी
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