देश की खबरें | उत्तराखंड में इसी साल लागू होगी समान नागरिक संहिता : मुख्यमंत्री धामी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) इसी साल लागू की जाएगी।
देहरादून, 29 अगस्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) इसी साल लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘देश के अन्दर हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यह जनता की मांग रही है। इसकी शुरूआत उत्तराखंड से होगी। संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत हम इसी साल राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू करेंगे।'
‘बढ़ता उत्तराखंड, उभरता उत्तराखंड’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान जनता से राज्य में यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड में जनता ने हमें फिर जबरदस्त जनादेश के साथ चुना और किसी एक पार्टी की सरकार के दोबारा न चुने जाने का मिथक टूटा। सरकार के गठन के बाद हमने पहला निर्णय यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन का किया।’’
धामी ने कहा कि समिति को राज्य की तमाम जनजातियों सहित व्यक्तियों, तमाम संगठनों, संस्थाओं से 2.33 लाख सुझाव मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा, यमुना नदियों, धर्म और आध्यात्म की इस भूमि का मूल स्वरूप बना रहना देश हित में है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शांत प्रदेश है जहां कानून-व्यवस्था अच्छी है। धामी ने कहा, ‘‘बिना पहचान और सत्यापन के लोग यहां आकर अवैध रूप से बस रहे है। इससे हो रहे जनसांख्किीय परिवर्तन को देखना भी जरूरी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्र के साथ ही अन्य सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 3000 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘जो भी निर्माण अतिक्रमण की जद में आये हैं, वे तोड़े जा रहे है।’’
धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जायेगी और अतिक्रमण हटाने में किसी प्रकार का पक्षपात नही हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर मजहब, जाति, धर्म, पंथ के व्यक्ति के साथ समान व्यवहार किया जाता है।
धामी ने कहा कि प्रदेश में सब आपसी भाई चारे से रहते हैं लेकिन राज्य में धर्मांतरण घुन की तरह लगा था। उन्होंने कहा कि धोखा और लालच देकर मनगढ़ंत बातों से धर्मांतरण का कार्य हो रहा था जिसे रोकना देवभूमि का मूल स्वरूप बनाये रखने के लिये जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जरूरतों के हित में कानून बनाये गए हैं। इस संबंध में उन्होंने देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून का भी जिक्र किया जिसके तहत भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले 80 लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले लोग यहां से अच्छा अनुभव लेकर जा रहे है। धामी ने बताया कि अब तक चारों धामों में 38 लाख यात्री आ चुके हैं जबकि सावन माह में आयोजित कांवड़ यात्रा में कुल 4.15 करोड श्रद्धालु आये।
मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि प्रदेश की जनता केन्द्र एवं राज्य सरकार के कार्यों पर 2014 व 2019 के चुनावों की भांति 2024 के चुनावों में भी उनकी पार्टी को ही आशीर्वाद देगी।
उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियां राज्य के विकास में बाधा न बने, इसे ध्यान में रखते हुए पहाड़ और मैदानी क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य ने हाल में राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए 27 क्षेत्रीय नीतियां बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा प्रदेश हिमालय की गोद में बसा है और हम इसे सुरक्षित रखने का कार्य कर रहे है। जोशीमठ की आपदा के बाद प्रदेश के शहरों की धारण क्षमता का आकलन कर इकोलॉजी और इकोनॉमी का समन्वय बनाकर योजना बनायी जा रही है।’’
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