देश की खबरें | आईएसआई के लिए जासूसी करने के मामले में सेना के दो जवान गिरफ्तार :पंजाब पुलिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के लिए कथित रूप से जासूसी करने के मामले में सेना के दो जवानों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

चंडीगढ़, छह जुलाई पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के लिए कथित रूप से जासूसी करने के मामले में सेना के दो जवानों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आरोपियों की पहचान सिपाही हरप्रीत सिंह (23) और सिपाही गुरभेज सिंह (23) के रूप में की गयी है। हरप्रीत जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में तैनात था और 19 राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़ा था, वहीं गुरभेज करगिल में लिपिक के रूप में कार्यरत था और 18 सिख लाइट इन्फेंट्री से संबंधित था।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने कहा कि दोनों आरोपी देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित 900 से अधिक गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें सीमापार तस्कर रणवीर सिंह को फरवरी से मई 2021 के बीच चार महीने के अंतराल में साझा कर चुके हैं। रणवीर सिंह उन्हें पाकिस्तान के खुफिया अफसरों को भेज चुका है।

गुप्ता ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवीन सिंगला के नेतृत्व में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने स्वापक एवं मन:प्रभावी तत्व (एनडीपीएस) के एक मामले की जांच के दौरान रणवीर सिंह से भारतीय सेना के कामकाज और तैनाती से संबंधित गोपनीय दस्तावेज बरामद किये थे। रणवीर सिंह को 24 मई को 70 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था।

गुप्ता ने कहा कि पूछताछ के दौरान रणवीर सिंह ने खुलासा किया कि उसने हरप्रीत सिंह से ये दस्तावेज प्राप्त किये जो उसका दोस्त हैं। दोनों एक ही गांव के हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘रणवीर ने हरप्रीत सिंह को रक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेजों को साझा करने के लिए आर्थिक फायदे देने का प्रलोभन दिया, जिसके बाद हरप्रीत ने अपने दोस्त गुरभेज सिंह को भी ऐसी राष्ट्र विरोधी जासूसी गतिविधियों में शामिल कर लिया।’’

डीजीपी के हवाले से यहां एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि चूंकि गुरभेज करगिल में 121 इन्फेंट्री ब्रिगेड मुख्यालय में लिपिक के रूप में कार्यरत था, इसलिए वह भारतीय सेना से जुड़ी सामरिक जानकारी वाले इन गोपनीय दस्तावेजों को आसानी से हासिल कर सकता था।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रणवीर सिंह इन गोपनीय दस्तावेजों को पाकिस्तान आईएसआई के ओहदेदारों को सीधे या अमृतसर के दाउके गांव के मादक पदार्थ तस्कर गोपी के माध्यम से भेजता था। गोपी के पाकिस्तान में मादक पदार्थ तस्कर गिरोहों और आईएसआई अफसरों से संपर्क थे।

रणवीर सिंह के खुलासे के बाद पुलिस ने गोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसने गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान के मादक पदार्थ तस्करों को भेजने की बात कबूल की है। इनमें से एक तस्कर की पहचान कोठर के रूप में की गयी है। दूसरा पाकिस्तान आईएसआई का कथित सदस्य सिकंदर है। दस्तावेजों के बदले वे हेरोइन और पैसा देते थे।

डीजीपी ने बताया कि गोपनीय दस्तावेजों की तस्वीरें कुछ एनक्रिप्टेन (कूट वाले सुरक्षित) ऐप से भेजी जाती थीं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\