देश की खबरें | तूतीकोरीन के पुलिस अधीक्षक को सरकार ने किया जिले से बाहर, 'अनिवार्य प्रतीक्षा' में रखा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के तूतीकोरीन में पिछले सप्ताह पुलिस की कथित पिटाई से पिता-पुत्र की हुई मौत के बाद प्रदेश सरकार ने वहां के पुलिस अधीक्षक को मंगलवार को जिले से बाहर कर दिया और पुलिस अधिकारी को "अनिवार्य प्रतीक्षा" के लिये भेज दिया गया है।

चेन्नई, 30 जून तमिलनाडु के तूतीकोरीन में पिछले सप्ताह पुलिस की कथित पिटाई से पिता-पुत्र की हुई मौत के बाद प्रदेश सरकार ने वहां के पुलिस अधीक्षक को मंगलवार को जिले से बाहर कर दिया और पुलिस अधिकारी को "अनिवार्य प्रतीक्षा" के लिये भेज दिया गया है।

तूतीकोरीन में पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों का 'उल्लंघन' कर तय समय से अधिक वक्त तक अपनी मोबाइल की दुकान खोलने के लिये गिरफ्तार किया गया था। 23 जून को कोविलपट्टी में एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। थी।

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जयराज और बेनिक्स के संबंधियों का आरोप है कि मौत से पहले सतांकुलम थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें बुरी तरह पीटा था।

गृह विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अरुन बालगोपालन को पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में अनिवार्य प्रतीक्षा के लिये कहा गया है।

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बालगोपालन की जगह विल्लुपुरम के पुलिस अधीक्षक एस जयकुमार को तूतीकोरीन का एसपी नियुक्त किया गया है।

सरकार ने आर्थिक अपराध शाखा में महानिरीक्षक एस मुरुगन को दक्षिणी जोन का महानिरिक्षक नियुक्त किया है। वह के पी राजेश्वरन की जगह लेंगे जो आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं ।

इस बीच, तूतीकोरीन जिला प्रशासन ने मंगलवार को सतांकुलम थाने का 'नियंत्रण' लेने के लिये अधिकारियों को तैनात किया है। यह तैनाती मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गयी है जिसमें अदालत ने कहा था कि थाने को राजस्व विभाग के तहत लाया जाये ।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कलेक्टर संदीप नंदूरी ने थाने को ''नियंत्रण'' में लेने के लिये एक तहसीलदार और एक उप तहसीलदार को नियुक्त किया है।

इसके अलावा अदालत के निर्देश पर मुदरै की एक फॉरेंसिक टीम थाने से सबूत एकत्रित करने में जुटी है।

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने पिता-पुत्र की मौत के बाद जब्त की गई ''सुराग सामग्री'' को सुरक्षित रखने के लिये सोमवार को राजस्व अधिकारियों को तैनात करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले प्रधान जिला न्यायाधीश ने पुलिसकर्मियों से कहा था कि वे सीआरपीसी के तहत पूछताछ में न्यायिक मजिस्ट्रेट का सहयोग नहीं कर रहे हैं।

इस घटना को लेकर राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बाद एक निरीक्षक और दो उप निरीक्षकों समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

सतांकुलम थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है।

तमिलनाडु सरकार ने इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ मामले की सुनवाई कर रही है।

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