देश की खबरें | तुर्की मुक्केबाजी चैम्पियनशिप स्थगित, नये ट्रायल होंगे : बीएफआई ने अदालत को बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि इस्तांबुल में दिसंबर में होने वाली महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप कोरोना महामारी के कारण अब अगले साल मई में होगी जिसके लिये नये सिरे से ट्रायल कराये जायेंगे ।

नयी दिल्ली, सात दिसंबर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि इस्तांबुल में दिसंबर में होने वाली महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप कोरोना महामारी के कारण अब अगले साल मई में होगी जिसके लिये नये सिरे से ट्रायल कराये जायेंगे ।

बीएफआई ने राष्ट्रीय चैम्पियन अरूंधति चौधरी की याचिका पर जवाब में यह कहा । चौधरी ने तुर्की में चैम्पियनशिप के लिये चयन नहीं होने पर याचिका दायर की थी ।

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने बीएफआई को चार सप्ताह का समय देकर यह बताने को कहा है कि ट्रायल में कौन सी प्रक्रिया अपनाई जायेगी । मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी ।

बीएफआई के वकील ने कहा कि चूंकि अब टूर्नामेंट ही अगले साल के लिये स्थगित हो गया है तो यह शिकायत बेमानी हो गई है चूंकि नये सिरे से ट्रायल कराये जायेंगे ।

19 वर्ष की चौधरी ने कहा था कि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन का चयन ट्रायल के बिना किया गया । बीएफआई के वकील ने कहा कि चौधरी को 70 किलोवर्ग में रिजर्व के तौर पर रखा गया था और हर वर्ग में एक ही मुक्केबाज का नाम भेजा जा सकता है । उन्होंने कहा कि अगर वह लवलीना के चयन से इतनी नाराज हैं तो उन्हें भी पक्ष प्रतिवादी बनाया जाना चाहिये था ।

विश्व युवा चैम्पियन चौधरी ने कहा कि उन्होंने इस साल अक्टूबर में हिसार में महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उन्हें तुर्की में होने वाले टूर्नामेंट में दूसरों पर तरजीह मिलनी चाहिये ।

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