विदेश की खबरें | मानहानि मामले में ट्रम्प की बजाय अमेरिका को बचाव पक्ष बनाने की अपील

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. न्यूयॉर्क राज्य की अदालतों ने लेखिका ई जीन कैरोल के मुकदमे की सुनवाई में देरी के ट्रम्प के अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसके बाद न्याय मंत्रालय के वकीलों ने मामले को संघीय अदालत में स्थानांतरित करने और ट्रम्प की बजाय अमेरिका को बचावकर्ता बनाए जाने के लिए मंगलवार को अदालत में दस्तावेज दायर किए थे।

न्यूयॉर्क राज्य की अदालतों ने लेखिका ई जीन कैरोल के मुकदमे की सुनवाई में देरी के ट्रम्प के अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसके बाद न्याय मंत्रालय के वकीलों ने मामले को संघीय अदालत में स्थानांतरित करने और ट्रम्प की बजाय अमेरिका को बचावकर्ता बनाए जाने के लिए मंगलवार को अदालत में दस्तावेज दायर किए थे।

इसका अर्थ यह हुआ कि यदि इस मामले में कोई जुर्माना भरने की सजा दी जाती है तो ट्रम्प की बजाय संघीय सरकार इसे भरेगी।

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कैरोल संभावित सबूत के तौर पर राष्ट्रपति के डीएनए का नमूना हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। न्याय मंत्रालय के वकीलों के इस कदम से कैरोल के लिए नमूना हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

न्याय मंत्रालय के वकीलों ने तर्क दिया कि ट्रम्प ने कैरोल के आरोपों से इनकार करते समय ‘‘अपने कार्यालय के दायरे में रहकर कार्य’’ किया था। कैरोल ने पिछले साल आरोप लगाया था कि ट्रम्प ने 1990 के दशक के मध्य में न्यूयॉर्क के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में उनका बलात्कार किया था।

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ट्रम्प ने टिप्पणी की थी कि कैरोल अपनी पुस्तक की बिक्री बढ़ाने के लिए ‘‘सरासर झूठ बोल रही हैं’’। कैरोल ने मानहानि का मुकदमा दायर करके आरोप लगाया है कि ट्रम्प की इन टिप्पणियों ने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया और उनके चरित्र को धूमिल किया।

कैरोल की वकील ने न्याय मंलात्रय के वकीलों के तर्क को ‘‘हैरान करने वाला’’ बताया है।

एपी

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