देश की खबरें | कोविड-19 मरीजों का इलाज, आदेशों के अनुपालन का निर्देश ही पर्याप्त नहीं: न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 संक्रमित मरीजों के उपचार और मृतकों के प्रति सम्मान के बारे में केन्द्र के रवैये पर असंतोष व्यक्त करते हुये सोमवार को कहा कि आदेशों का अनुपालन करने का निदेश देना ही पर्याप्त नहीं है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 संक्रमित मरीजों के उपचार और मृतकों के प्रति सम्मान के बारे में केन्द्र के रवैये पर असंतोष व्यक्त करते हुये सोमवार को कहा कि आदेशों का अनुपालन करने का निदेश देना ही पर्याप्त नहीं है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि केन्द्र के हलफनामे में उसके निर्देशों पर अमल के बारे में विवरण नहीं है। राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों ने अभी तक हलफनामे दाखिल नहीं किये हैं। न्यायालय ने कहा कि मुख्य सचिवों को उसके निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।

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न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने केन्द्र और राज्यों को विस्तृत हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया जिसमे इस मामले में 19 जून को दिये गये 11 निर्देशों के अनुपालन का विवरण होना चाहिए। पीठ ने कहा कि इन निर्देशों के अनुपालन के लिये उठाये गये कदमों को रिकार्ड पर लाना होगा।

शीर्ष अदालत ने कोविड-19 के मरीजों और इस संक्रमण से जान गंवाने वालों के पार्थिव शरीर को गरिमा के साथ अस्पतालों में रखने के संबंध में स्वत: लिये गये मामले की सुनवाई कर रही थी।

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पीठ ने कहा कि केन्द्र ने हलफनामा दाखिल किया है जो पर्याप्त नहीं है जबकि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने उसके निर्देशों के अनुपालन के विवरण के साथ हलफनामे नहीं दाखिल किये हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि राज्यों के मुख्य सचिवों को 19 जून को न्यायालय के आदेश मे दिये गये निर्देशों पर अमल सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाने होंगे। इस बारे में उचित अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाये।’’

पीठ ने कहा कि केन्द्र भी दो सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करे जिसमें इन निदेशों के अनुपालन में उठाये गये कदमों का विवरण हो। पीठ ने इसके साथ ही इस मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

अनूप

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