जरुरी जानकारी | वोडाफोन-आइडिया की महीनों से जारी प्राथमिकता वाली योजना पर ट्राई ने केई आपत्ति नहीं जतायी थी: एयरटेल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एयरटेल ने पुरजोर तरीके से अपने प्रीमियम प्लैटिनम योजना का बचाव किया है। कंपनी ने कहा है कि उसने यह योजना इस समझ के साथ लायी थी कि नियामक को इस प्रकार की सेवा को लेकर आपत्ति नहीं है क्योंकि इस प्रकार की योजना वोडाफोन-आइडिया आठ-नौ महीने से चला रही थी।
नयी दिल्ली, 11 अगस्त एयरटेल ने पुरजोर तरीके से अपने प्रीमियम प्लैटिनम योजना का बचाव किया है। कंपनी ने कहा है कि उसने यह योजना इस समझ के साथ लायी थी कि नियामक को इस प्रकार की सेवा को लेकर आपत्ति नहीं है क्योंकि इस प्रकार की योजना वोडाफोन-आइडिया आठ-नौ महीने से चला रही थी।
भारत दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) फिलहाल वोडाफोन आइडिया की प्राथमिकता वाली योजना रेडएक्स और भारती एयरटेल की प्लैटिनम पेशकश की जांच कर रही है। नियामक इस बात का पता लगा रही है कि क्या अगर कुछ ग्राहकों को नेटवर्क में प्राथमिकता दी गयी तो उससे दूसरे ग्राहकों की सेवा प्रभावित तो नहीं हुई या नियमों का कोई उल्लंघन तो नहीं हुआ है?
नियामक ने दोनों परिचालकों को विवादस्पद मामले में प्रश्न भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और अपनी बातों के समर्थन में प्रासंगिक आंकड़े देने को कहा है।
ट्राई के समक्ष 10 अगस्त को अपनी बातें रखते हुए एयरटेल ने कहा, ‘‘उसने यह योजना इस समझ के साथ लायी थी कि नियामक को इस प्रकार की सेवा से कोई समस्या नहीं है क्योंकि इस प्रकार की योजना वोडाफोन-आइडिया आठ-नौ महीने से चला रही थी और ट्राई ने इसको लेकर कोई आपत्ति नहीं जतायी थी।’’
भारती ने कहा कि वोडाफोन आइडिया लि. (वीआईएल) ने रेड एक्स योजना नवंबर, 2019 में शुरू की और एयरटेल ने तीन जुलाई, 2020 को अपनी प्लैटिनम योजना पेश की थी।
एयरटेल के अनुसार उसकी पेशकश ट्रई के नियमों के अनुरूप थी और उसने कहीं भी न्यूनतम गति (इंटरनेट की) बात नहीं कही क्योंकि वायरलेस नेटवर्क में यह निर्धारित करना मुश्किल था।
एयरटेल ने नियामक के समक्ष अपनी बातें रखी है, उसकी प्रति पीटीआई- के पास है।
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