जरुरी जानकारी | तोमर ने यूरोपीय संघ के समक्ष भारत की बासमती चावल निर्यात संबंधी चिंताओं को उठाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को यूरोपीय कृषि आयुक्त जे वोज्शिचोवस्की के समक्ष ट्राईसाइक्लाजोल के लिए यूरोपीय संघ की अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) तय करने को लेकर चिंता जताई। इसके कारण भारत का बासमती चावल निर्यात प्रभावित हो रहा है।

नयी दिल्ली, सात जुलाई कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को यूरोपीय कृषि आयुक्त जे वोज्शिचोवस्की के समक्ष ट्राईसाइक्लाजोल के लिए यूरोपीय संघ की अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) तय करने को लेकर चिंता जताई। इसके कारण भारत का बासमती चावल निर्यात प्रभावित हो रहा है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि इस ऑलाइन बैठक में, दोनों ने यूरोपीय संघ की साझा कृषि नीति के साथ-साथ भारत में हाल ही में किए गए बाजार सुधारों पर चर्चा की।

यूरोपीय संघ ने धान की फसल को 'ब्लास्ट' नामक बीमारी से बचाने के लिए भारत में इस्तेमाल होने वाले कवकनाशी ट्राईसाइक्लाज़ोल के अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) में कटौती की है। इसने बासमती चावल निर्यातकों को मुश्किल में डाल दिया है।

कृषि से संबंधित अन्य मुद्दों के अलावा, तोमर ने बैठक में चावल की फसल में इस्तेमाल होने वाले ट्राईसाइक्लाज़ोल के अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) को ठीक करने का मुद्दा भी उठाया, जो भारत के लिए चिंता का विषय रहा है। यह यूरोपीय संघ को भारत के बासमती चावल के निर्यात को प्रभावित कर रहा है।

तोमर ने कहा, ‘‘सभी आवश्यक अध्ययन और दस्तावेज मई -2021 में यूरोपीय संघ को दे दिये गए हैं और अधिकतम अवशेष सीमा अगले सत्र से पहले वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही तक तय किया जाएगा .... तब तक के लिए, इस मुद्दे को अन्य उपायों के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।’’

बयान के अनुसार यूरोपीय कृषि आयुक्त ने बैठक में कहा कि इस तरह के मुद्दे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने ‘‘भारतीय पक्ष को यूरोपीय आयोग में अपने संबंधित सहयोगियों के साथ मुद्दों को उठाने का आश्वासन दिया।’’

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ ने वर्ष 2030 तक यूरोपीय संघ के 25 प्रतिशत क्षेत्र को जैविक खेती के तहत लाने का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने भारत के कृषि परिदृश्य के बारे में बताया और किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए किए गए कई उपायों के बारे में जानकारी दी। इसमें 1,00,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ कृषि-इन्फ्रा फंड का निर्माण और छोटे और सीमांत किसानों की उनके कृषि उपज के विपणन में मदद के लिए 10,000 एफपीओ (कृषि उत्पादक संगठन) के गठन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

NZ W vs SA W, 2nd T20I Match Pitch Report And Weather Update: दूसरे टी20 में बल्लेबाजों का चलेगा बल्ला या गेंदबाज मचाएंगे कहर? यहां जानें हैमिल्टन की पिच रिपोर्ट और मौसम का हाल

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Preview: आज न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

New Zealand Women vs South Africa Women, 2nd T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड महिला बनाम दक्षिण अफ्रीका महिला के बीच आज खेला जाएगा दूसरा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती: LPG कार्गो 'शिवालिक' मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, 46,000 मीट्रिक टन गैस की होगी आपूर्ति

\