देश की खबरें | उप्र सरकार ने 5600 श्रमिकों को रोजगार के लिए इजराइल भेजा : अनिल राजभर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि ''आउटसोर्सिंग ऑफ मैन पावर'' के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गयी है जिसके तहत 5,600 श्रमिकों को सफलतापूर्वक इजराइल भेजा गया है, तथा 5,000 अतिरिक्त श्रमिकों को भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

लखनऊ, 21 फरवरी उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि ''आउटसोर्सिंग ऑफ मैन पावर'' के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गयी है जिसके तहत 5,600 श्रमिकों को सफलतापूर्वक इजराइल भेजा गया है, तथा 5,000 अतिरिक्त श्रमिकों को भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

राजभर ने यह भी बताया कि कहा कि विगत दो वर्षों में सेवायोजन कार्यालय में रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों (इंटर, बीए, डिप्लोमा, बीटेक, एमटेक, पीएचडी की संख्या 5,68,062 है और विगत दो वर्षों (एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2024 तक) में सेवा कार्यालयों द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से 475510 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में रोजगार हेतु चुना गया है।

विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य प्रभु नारायण यादव के प्रश्‍न के उत्‍तर में राजभर ने बताया कि राज्य सरकार ने रोजगार के अवसरों के लिए 5,600 श्रमिकों को सफलतापूर्वक इजराइल भेजा है तथा 5,000 अतिरिक्त श्रमिकों को भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा, "इजराइल में हमारे श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।’’

सरकार की रोजगार पहलों को आगे बढ़ाते हुए राजभर ने सरकार समर्थित संस्था राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ सहयोग की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य विदेशों में रोजगार के लिए आवेदन की सुविधा दे रहा है, जिसमें जर्मनी में 5,000 नर्सों की मांग शामिल है, जिनका पैकेज 2.5 लाख रुपये प्रति माह है।

राजभर ने बताया कि वर्तमान में जापान में 12,000 केयरगिवर कर्मचारियों की मांग है, जिनका वेतन पैकेज 1.25 लाख रुपये प्रति माह है। उन्होंने पुष्टि की कि आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है और राज्य इस मांग को पूरा करने के लिए कुशल कर्मचारियों को भेजने के वास्ते सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है।

प्रभु नारायण यादव ने श्रम मंत्री से प्रश्न किया था कि प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार दिलाने हेतु श्रम विभाग द्वारा वर्तमान में कौन सी प्रमुख योजनाएं प्रचलित हैं? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि प्रदेश में विगत दो वर्षों से (2022-2023, 2023-2024) शिक्षित बेरोजगारों (इण्टर, बी.ए., एम.ए., डिप्लोमा, बी.टेक., एम.टेक., पी.एच.डी.) की संख्या कितनी है तथा विगत दो वर्षों में श्रम विभाग द्वारा कितने लोगों को नौकरी दिलाई गई है? यदि नहीं, तो क्यों?

श्रम मंत्री राजभर ने बताया कि सेवायोजन विभाग ने रोजगार की छूट, अभ्यर्थियों के लिए रोजगार मेलों के आयोजन, विदेश में रोजगार, सेवा मित्र व्यवस्था, करियर काउंसलिंग और आउटसोर्सिंग ऑफ मैन पावर के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की है।

राजभर ने कहा कि विगत दो वर्षों में सेवायोजन कार्यालय में रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों (इंटर, बीए, डिप्लोमा, बीटेक, एमटेक, पीएचडी की संख्या 5,68,062 है और विगत दो वर्षों (1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2024 तक) में सेवा कार्यालयों द्वारा रोजगार मेलों के माध्यम से 475510 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में रोजगार हेतु चुना गया है।

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