देश की खबरें | ज्ञानवापी मस्जिद मामले में याचिका की सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में करेगी शीर्ष अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह हिन्दू श्रद्धालुओं की ओर से दायर दीवानी मुकदमे की स्वीकार्यता के सिलसिले में ज्ञानवापी मस्जिद समिति की आपत्तियों पर वाराणसी जिला न्यायाधीश के निर्णय का इंतजार करेगा।

नयी दिल्ली, 21 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह हिन्दू श्रद्धालुओं की ओर से दायर दीवानी मुकदमे की स्वीकार्यता के सिलसिले में ज्ञानवापी मस्जिद समिति की आपत्तियों पर वाराणसी जिला न्यायाधीश के निर्णय का इंतजार करेगा।

न्यायालय ने अदालती-आदेश के आधार पर किये गये सर्वे के दौरान ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर में मिले ‘शिवलिंग’ की पूजा की अनुमति देने और ‘शिवलिंग’ के जीवनकाल के निर्धारण के लिए उसकी कार्बन डेटिंग कराने के संबंध में दो रिट याचिकाओं की सुनवाई से भी इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि वह विवादित स्थल के सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति को वैध ठहराने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की अपील को अक्टूबर के पहले सप्ताह में सुनवाई के लिए स्थगित कर रही है।

पीठ ने कहा कि उसे इस तथ्य से अवगत कराया गया है कि जिला न्यायाधीश के समक्ष सुनवाई अब भी जारी है और मुकदमे की स्वीकार्यता के विषय पर आदेश-सात, नियम-11 के तहत दायर अर्जी का परिणाम आने तक मस्जिद समिति की अपील को लंबित रखा जाए।

पीठ ने सुनवाई के दौरान अंज़ुमन इंतजामिया मस्जिद प्रबंधन समिति, वाराणसी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हुज़ेफा अहमदी से कहा कि वह आदेश-सात, नियम-11 के तहत मुकदमे की स्वीकार्यता के विषय पर दायर अर्जी का परिणाम आने तक मस्जिद समिति की अपील को लंबित रखेगी।

न्यायालय ने कहा, ‘‘देखिए, सब कुछ वाराणसी के जिला न्यायाधीश के समक्ष सीपीसी के आदेश-सात, नियम-11 के तहत दायर अर्जी पर निर्भर करता है। यदि जिला न्यायाधीश आपत्तियों को सही ठहराता है तो कुछ शेष नहीं बचता, लेकिन यदि वह आपत्तियों को खारिज कर देता है तो संबंधित पक्ष कानून के तहत उपाय तलाश सकते हैं। कमीशन की रिपोर्ट का जहां तक संबंध है तो आप अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठा सकते हैं कि इसे (रिपोर्ट को) साक्ष्य के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।’’

अहमदी ने स्वीकार किया कि कानून के तहत उपाय मौजूद है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कोर्ट-कमिश्नर की नियुक्ति को बरकरार रखने वाला उच्च न्यायालय का आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विषैले पेड़ के फल के समान है। सर्वे कराने का आदेश स्पष्टतया अधिकार क्षेत्र के दायरे से बाहर था। यदि मैं यह साबित कर दूं कि आयोग के गठन का आदेश गैर-कानूनी है, तो रिपोर्ट को खारिज करना होगा। मेरे मामले में, आयोग की रिपोर्ट के आदेश देने की स्थिति नहीं थी।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि अदालत को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कमीशन की रिपोर्ट का क्या परिणाम हुआ है और नमाज का पूरा स्थल सील कर दिया गया है।

अहमदी ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने कहा था कि कोर्ट-कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश हानिरहित है। वर्षों से जारी यथास्थिति को हटा दिया गया। इसके कारण पूजास्थल की प्रकृति बदल गयी। यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि ऐसा हर जगह हो रहा है। इस आदेश के बाद पूरे देश में दूरगामी परिणाम हुए हैं और इसी तरह की अर्जियां दायर की जा रही हैं।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन ने अहमदी की दलील का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि वह (अहमदी) दीवानी मुकदमे पर दलील दे रहे हैं न कि जनहित याचिका पर, और उन्हें अपनी बहस विषय-वस्तु पर केंद्रित करनी चाहिए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायालय निचली अदालत को यह निर्देश दे सकता है कि वह आपत्तियों पर विचार करते वक्त आयोग की रिपोर्ट पर ध्यान न दे।

अहमदी ने कहा कि कोर्ट-कमिश्नर की नियुक्ति को बरकरार रखने वाला उच्च न्यायालय का आदेश निरस्त किया जाना चाहिए।

पीठ ने तब मामले को अक्टूबर के पहले सप्ताह में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और कहा कि वह हिन्दू श्रद्धालुओं की ओर से दायर दीवानी मुकदमे की स्वीकार्यता के सिलसिले में ज्ञानवापी मस्जिद समिति की आपत्तियों पर वाराणसी जिला न्यायाधीश के निर्णय का इंतजार करेगा।

शीर्ष अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर हिन्दू श्रद्धालुओं की ओर से दायर दीवानी मुकदमे को 20 मई को सीनियर सिविल जज के पास से वाराणसी के जिला न्यायाधीश को स्थानांतरित कर दिया था। साथ ही कहा था कि मामले की ‘जटिलता’ और ‘संवेदनशीलता’ को देखते हुए यह बेहतर होगा कि 25-30 साल अनुभव वाले कोई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी इसकी सुनवाई करें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वृंदावन दौरा: संत प्रेमानंद महाराज से करेंगी मुलाकात, राम मंदिर में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना के बाद अब मथुरा में भक्तिमय कार्यक्रम

New Zealand vs South Africa, 3rd T20I Match Auckland Weather Update: न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले तीसरे टी20 में बारिश डालेगी खलल या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें माउंट माउंगानुई के मौसम का हाल

New Zealand vs South Africa 3rd T20I Match Preview: तीसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल करना चाहेगी दक्षिण अफ्रीका, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

New Zealand vs South Africa 3rd T20I Match Live Streaming In India: न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच आज खेला जाएगा तीसरा टी20 मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे देखें लाइव मैच

\