देश की खबरें | अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से संकट में घिरी पार्टी अब आदिवासी दलों के साथ गठबंधन की कोशिश में

रायपुर, सात अगस्त छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से संकट में घिरी उनकी पार्टी अब अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए राज्य में आदिवासी दलों के साथ गठबंधन करना चाह रही है। अजीत जोगी के पुत्र और पार्टी प्रमुख अमित जोगी के मुताबिक उनकी पार्टी ने सर्व आदिवासी समाज और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए उन्हें न्योता भेजा है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा वोटों को विभाजित होने से बचाने के लिए उन्हें आदिवासी समाज, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी तथा इस तरह के अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की उम्मीद है।

हालांकि समाज ने अब तक किसी भी दल के साथ चुनावी गठबंधन की घोषणा नहीं की है।

पीटीआई- के साथ एक साक्षात्कार में अमित जोगी ने इन अटकलों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के साथ गठबंधन हो सकता है या उसमें विलय हो सकता है।

इस वर्ष जून में उनकी तेलंगाना के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद इस तरह के कदम की चर्चा शुरू हुई थी।

राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 से 2003 तक राज्य में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व करने वाले अजीत जोगी ने कांग्रेस पार्टी से अलग होने के बाद 2016 में जेसीसी (जे) का गठन किया था।

अमित जोगी ने कहा, ''मैं (अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर) आश्वस्त हूं लेकिन मैं यह नहीं कह रहा हूं कि हम अकेले ही चुनाव लड़ेंगे। ''

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