देश की खबरें | सैनिकों और उनके परिवार के कल्याण में योगदान देना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व : रक्षा मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सैनिक देश की रक्षा के लिए मुश्किल हालात में सीमाओं पर हमेशा दृढ़ता से और सजग खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है कि सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए योगदान दे।
नयी दिल्ली, तीन मार्च रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सैनिक देश की रक्षा के लिए मुश्किल हालात में सीमाओं पर हमेशा दृढ़ता से और सजग खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है कि सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए योगदान दे।
सिंह ने यहां सशस्त्र सेना झंडा दिवस कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (एएफएफडी सीएसआर) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि
सीएसआर का मतलब सिर्फ 2 प्रतिशत योगदान नहीं है, यह वीर सैनिकों और उनके आश्रितों से दिल से दिल का जुड़ाव है।
रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि उन्होंने लोगों से सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरे दिल से योगदान देने का आह्वान किया और इसे प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य बताया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार भारत की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने तथा अपने सैनिकों के साथ ही उनके परिजनों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़कर हर संभव तरीके से उनका समर्थन करना राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि भारत के सैनिक हमेशा कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं पर दृढ़, सतर्क और तैयार रहते हैं तथा साहस और तत्परता के साथ देश को सभी प्रकार के खतरों से बचाते हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘आप जो भी योगदान देंगे, वह साधारण नहीं होगा। आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि कल जब आपकी वास्तविक बैलेंस शीट तैयार होगी, तो उसमें देनदारियों से ज्यादा संतुष्टि और खुशी की संपत्तियां होंगी।’’
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सभी हितधारकों के सम्मिलित प्रयासों से आत्मनिर्भर और विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी के साथ, भारत 2027 तक दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान बना लेगा। बयान के अनुसार सिंह ने एएफएफडी कोष में उदारतापूर्वक योगदान के लिए कॉरपोरेट घरानों की सराहना की और इस अवसर पर शीर्ष सीएसआर दानदाताओं को सम्मानित किया।
मंत्रालय ने कहा कि उसका पूर्व सैनिक कल्याण विभाग युद्ध विधवाओं, शहीद सैनिकों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के कल्याण तथा पुनर्वास के लिए कार्य कर रहा है, जिनमें दिव्यांग भी शामिल हैं। इसके लिए उन्हें निर्धनता अनुदान, बच्चों की शिक्षा हेतु अनुदान, अंत्येष्टि अनुदान, चिकित्सा अनुदान और अनाथ/दिव्यांग बच्चों के लिए अनुदान जैसी उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)