देश की खबरें | प. बंगाल विस में अगले सप्ताह बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के मुद्दे पर होगी चर्चा

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कोलकाता, 12 नवंबर पश्चिम बंगाल विधानसभा में अगले सप्ताह अन्तरराष्ट्रीय सीमा से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के केंद्र के फैसले पर चर्चा होगी। पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्यमंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल, पंजाब के बाद दूसरा राज्य होगा जो इस तरह का प्रस्ताव विधानसभा में पेश करेगा। विधानसभा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चटर्जी ने कहा कि 16 नवंबर को प्रस्ताव पेश किया जाएगा और उसपर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ विधानसभा के नियम 185 के तहत, अगले सप्ताह हम सदन में प्रस्ताव लाएंगे और चर्चा करेंगे कि कैसे बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार सीधे संघीय ढांचे पर हमला है।’’

उन्होंने कहा कि यह फैसला कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया। राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कहा कि वह इस प्रस्ताव का विरोध करेगी क्योंकि यह राष्ट्रीय हित के खिलाफ है।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने सवाल किया, ‘‘वे क्यों नहीं मवेशियों की तस्करी और घुसपैठ को लेकर विरोध करते।’’

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक ने कहा था कि इस मुद्दे पर सदन में 17 नवंबर को चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के फैसले की निंदा कर चुकी हैं और उन्होंने इसे देश के संघीय ढांचे में हस्तक्षेप की कोशिश करार दिया था।

गौरतलब है कि भाजपा नीत केंद्र सरकार ने बीएसएफ अधिनियम में संशोधन किया है ताकि बल को पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार दिया जा सके। पहले यह दायरा अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के क्षेत्र तक था।

इससे पहले बृहस्पतिवार को पंजाब विधानसभा ने भी केंद्र के इस फैसले के खिलाफ प्रस्तव पारित किया था। पंजाब विधानसभा से पारित प्रस्ताव में केंद्र के फैसले को राज्य पुलिस का ‘अपमान’ करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई थी।

इस बीच, राज्य विधानसभा ने शुक्रवार को हावड़ा नगर निगम से अलग कर बाली नगरपालिका बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।

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