देश की खबरें | माधवराव सिंधिया ने राज्य के विकास के लिए जो सपने देखे थे, सरकार उन्हें पूरा करेगी : चौहान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया को ‘देश का गौरव’ बताते हुए कहा कि उन्होंने देश के विकास के जो सपने देखे थे, हमारी सरकार उन्हें पूरा करेगी।
टीकमगढ़ (मप्र), पांच अगस्त मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया को ‘देश का गौरव’ बताते हुए कहा कि उन्होंने देश के विकास के जो सपने देखे थे, हमारी सरकार उन्हें पूरा करेगी।
चौहान ने टीकमगढ़ सर्किट हाऊस में माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम यह संकल्प लेते हैं कि राजमाता से लोकमाता के रूप में प्रदेशवासियों के मन में वास करने वाली श्रद्धेय विजयाराजे सिंधिया और बड़े महाराज माधवराव सिंधिया ने प्रदेश के विकास के लिए जो संकल्प लिए थे, उन्हें हम अधूरा नहीं रहने देंगे।’’
कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की 2001 में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए और बाद में उन्हें केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बनाया गया।
चौहान ने कहा, ‘‘माधवराव सिंधिया ने पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित किया। वे रेल मंत्री रहे और उन्होंने भारत में शताब्दी एक्सप्रेस आरंभ कर एक नए युग की शुरूआत की। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री, पर्यटन मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में भी देश की अभूतपूर्व सेवा की। उनके श्रीचरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित हैं।’’
इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा, ‘‘मेरे लिए यह भावुक क्षण हैं’’।
अपने दिवंगत पिता माधवराव के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने (माधवराव) बुंदेलखंड को रेल सुविधायें देने का काम किया।
अपने पूर्वजों के बारे में बताते हुए ज्योतिरादित्य ने कहा कि उन्होंने महराजा छत्रसाल की उस समय मदद की थी जब मुगलों ने उनके राज्य पर हमला कर दिया था।
इससे पहले जिला क्षत्रिय महासभा ने माधवराव सिंधिया की प्रतिमा स्थापित करने का विरोध करते हुए कहा था कि बुंदेलखंड, खासतौर पर टीकमगढ़ के विकास में केंद्रीय मंत्री रहते हुए माधवराव सिंधिया का कोई योगदान नहीं रहा तो उनकी प्रतिमा लगाने का क्या औचित्य है।
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