जम्मू, सात मार्च जम्मू-कश्मीर सरकार 20,000 मेगावाट की अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए एक नई जलविद्युत नीति पेश करेगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने यहां विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मीटरिंग, बिलिंग और संग्रह में भी सुधार कर रही है।
अब्दुल्ला ने कहा, ''जम्मू-कश्मीर की पूरी जलविद्युत क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए मेरी सरकार निजी निवेश को आकर्षित करने और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक नई जलविद्युत नीति पेश करेगी।''
मुख्यमंत्री ने बिजली क्षेत्र के लिए 2024-25 में 762.80 करोड़ रुपये के मुकाबले 2025-26 में लगभग 2,021.37 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि यह एक संपन्न अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
मुंख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद जम्मू-कश्मीर को ऊर्जा केंद्र बनाना, आत्मनिर्भरता हासिल करना और विशाल जलविद्युत क्षमता का उपयोग करके शुद्ध बिजली निर्यातक बनना है।
अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार ने 2027-28 तक सभी घरों तक लगातार और सस्ती बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया है।
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