सरकार ने प्रोत्साहन पैकेज में राजकोषीय, मौद्रिक दोनों तरह के उपायों को मिलाने के फैसले का बचाव किया
कई विश्लेषकों और नेताओं ने प्रोत्साहन पैकेज में मौद्रिक उपायों को शामिल करने पर निराशा व्यक्त की है।
नयी दिल्ली, 15 मई सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को उबारने के लिये घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज में 6.5 लाख करोड़ रुपये के नकदी बढ़ाने संबंधी उपायों को भी शामिल करने के फैसले का शुक्रवार को बचाव किया। सरकार ने कहा कि अधिकांश देशों ने संकट से निपटने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक उपायों को मिलाया है।
कई विश्लेषकों और नेताओं ने प्रोत्साहन पैकेज में मौद्रिक उपायों को शामिल करने पर निराशा व्यक्त की है।
वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव टी वी सोमनाथन ने इस बारे में कहा कि दुर्भाग्य से यह तर्क सही नहीं है और तथ्य यह है कि अधिकांश देशों द्वारा घोषित पैकेज में राजकोषीय व्यय तथा तरलता संबंधी दोनों तरह के प्रावधान शामिल हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "किसी एक देश ने, जिसके बारे में कहा जा रहा हो कि उसने जीडीपी के 15 प्रतिशत का पैकेज दिया है और जिसके बारे में बहुत सारे लोग बात कर रहे हैं। कृपया उस पर गौर करें, उसके पैकेज में 14.9 प्रतिशत हिस्सा तरलता से संबंधित उपायों का है। इसलिये ऐसा नहीं हो सकता है कि आप पैकेज के किसी एक ही हिस्से को गिनें।’’
उन्होंने कहा कि पैकेज में राजकोषीय उपाय और तरलता बढ़ाने से संबंधित प्रावधान दोनों होते हैं। दुनिया का लगभग हर देश पैकेज को इसी तरह से गिनता है।
उन्होंने कहा, "कुछ ने एक हिस्सा गिना है, दूसरा हिस्सा छोड़ दिया है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह केवल हम ही हैं जो इस तरह से गिन रहे हैं। वास्तव में अधिकांश देश पैकेज को मिलकार ही गिन रहे हैं।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज में राजकोषीय और मौद्रिक उपायों को शामिल किये जाने पर हो रही आलोचना का उत्तर देते हुए कहा कि जो कर रिफंड किया जा रहा हैं, इसे प्रोत्साहन पैकेज में नहीं गिना जा रहा है, क्योंकि यह करदाताओं का ही धन है।"
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसे वापस दिया है... हम इसमें (वापस करने में) देरी नहीं कर रहे हैं, हम इसे रोक कर नहीं बैठे हैं। मैं इसे अभी आपको दे रही हूं क्योंकि अभी पैसे की आवश्यकता है और इसे अभी पहुंच जाना चाहिये। मैंने तब भी पैकेज में इसका उल्लेख नहीं किया था ... कर वापसी के पैसे के बारे में हम यह दावा नहीं कर रहे हैं कि यह पैकेज दिया जा रहा है।’’
आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने कहा कि सरकार वास्तव में बता रही है कि नकदी बढ़ाने के उपाय क्या है और बजट के माध्यम से क्या हो रहा है।
बजाज ने कहा, "समझने के लिये आज महत्वपूर्ण बात यह भी है कि तरलता संकटग्रस्त क्षेत्र को उस संकट से बाहर आने में मदद कर रही है। इसलिये, ऐसा करने का उद्देश्य क्या है। एक तरीका बजट से पैसा देने का हो सकता है, दूसरा यह हो सकता है कि क्या हम इसे एक ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से करते हैं, जो अलग है।"
विभिन्न केंद्रीय विभागों के पास एमएसएमई क्षेत्र के बकाये के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि सरकार ऐसी इकाइयों के लंबित भुगतान की समीक्षा कर रही है। सरकार ने सिर्फ कानूनी विवाद वाले मामलों को छोड़ सभी विभागों को 45 दिनों के भीतर एमएसएमई का सारा बकाया चुकाने के लिये कहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय तथा एमएसएमई मंत्रालय के मंत्रियों को पहले "अपना हिसाब निपटाना" चाहिये और एमएसएमई को सरकार की "सहायता" के बिना खुद को बचाने की सुविधा देनी चाहिये।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 11:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

