देश की खबरें | राष्ट्र की नींव बेहद मजबूत, कॉलेज छात्रों के प्रदर्शन से हिलने वाली नहीं: अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तनहा को मंगलवार को जमानत देते हुए कहा कि हमारे राष्ट्र की नींव बहुत मजबूत है और यह “कॉलेज के कुछ छात्रों” द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन से हिलने वाली नहीं है।
नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तनहा को मंगलवार को जमानत देते हुए कहा कि हमारे राष्ट्र की नींव बहुत मजबूत है और यह “कॉलेज के कुछ छात्रों” द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन से हिलने वाली नहीं है।
अदालत ने कहा कि यूएपीए कानून के तहत प्रथम दृष्टया तनहा के विरुद्ध कोई मामला नहीं बनता। उच्च न्यायालय ने कहा कि विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के कड़े प्रावधानों के तहत लोगों पर मामला दर्ज करना, संसद के उस उद्देश्य की अवहेलना करना होगा जिसके लिए यह कानून बनाया गया था।
अदालत ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य राष्ट्र के अस्तित्व के प्रति उत्पन्न खतरे से निपटना है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भम्भाणी की पीठ ने 133 पृष्ठ के आदेश में कहा, “खतरे और आतंकवाद की आशंका के इस पक्ष को संज्ञान में लेने के बाद हमारा मत है कि हमारे राष्ट्र की नींव मजबूत है और इसे दिल्ली के बीचोबीच स्थित विश्वविद्यालय परिसर के भीतर से संचालित कॉलेज के छात्रों या किसी और के द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन नहीं हिला सकते, चाहे वह कितने भी द्वेषपूर्ण हों।”
अदालत ने कहा कि आरोपपत्र में लगाए गए आरोप तथ्यविहीन हैं। पीठ ने कहा, “अपीलकर्ता (तनहा) ने जो भी अपराध किए होंगे या नहीं किए होंगे, कम से कम प्रथम दृष्टया सरकार हमें अपनी दलीलों से संतुष्ट नहीं कर सकी कि यूएपीए की धाराओं 15, 17 या 18 के तहत अपराध किया गया।”
तनहा और अन्य पर भारतीय दंड संहिता, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण कानून की कई धाराओं में मामले दर्ज हैं। तनहा को जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा क्योंकि एक अन्य मामले में भी उसे जमानत मिल गई है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिछले साल 24 फरवरी को दंगे हुए थे जिसमें 53 लोगों की मौत हो गई थी और लभगग 200 घायल हो गए थे। तनहा पर इसी मामले में आरोप थे ।
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