इंदौर, नौ मई मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में मंगलवार को हुए भीषण बस हादसे में जीवित बची 30 वर्षीय महिला ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि यह वाहन यात्रियों से खचाखच भरा था और मुसाफिरों के टोकने के बावजूद चालक गाड़ी तेज गति से दौड़ा रहा था।
हादसे में घायल होने के बाद इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) भेजे गए पांच मरीजों में शामिल रानू (30) ने संवाददाताओं को बताया,‘‘बस यात्रियों से पूरी भरी थी। चालक बेहद तेज गति से गाड़ी चला रहा था। उसने हम यात्रियों को पुल से नीचे गिरा दिया।’’
उन्होंने भीषण बस हादसे के लिए चालक को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा,‘‘बस अपने तय समय से देरी से आई थी। इस कारण चालक बस तेज चला रहा था। कुछ यात्रियों ने उसे इस बात पर टोका भी था। बस वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।’’
रानू ने बताया कि बस के पुल से सूखी नदी में जा गिरने से वह बेहोश हो गई थीं और स्थानीय लोगों ने उन्हें बस से बाहर निकाला।
उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों, मां, बहन और बहन की बेटी के साथ बस से इंदौर आ रही थीं और हादसे के बाद से उन्हें अपने परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
एमवायएच के अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि खरगोन में हुए भीषण बस हादसे में घायल पांच लोगों को एमवायएच लाया गया जिनमें रानू, उनका 10 वर्षीय बेटा कान्हा और तीन अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से चार मरीजों की हालत गंभीर है।
एमवायएच के अधीक्षक ने बताया,"बस के 50 फुट ऊंचे पुल से सूखी नदी में गिरने से इस हादसे में 24 यात्रियों की मौत की खबर है। बस के ऊंचाई से गिरने से ज्यादातर मरीजों को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है।"
ठाकुर ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही एमवायएच में सुबह से मरीजों के इलाज की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों ने इंदौर लाए जाने से पहले ही दम तोड़ दिया।
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