ताजा खबरें | ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ राज्यसभा में पेश
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. अपराध की जांच को अधिक दक्ष बनाने और दोषसिद्धि दर में वृद्धि करने के उद्देश्य से, औपनिवेशिक ब्रिटिश काल के दौरान कैदियों की पहचान संबंधी 1920 के कानून की जगह लेने वाले ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ को बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया।
नयी दिल्ली, छह अप्रैल अपराध की जांच को अधिक दक्ष बनाने और दोषसिद्धि दर में वृद्धि करने के उद्देश्य से, औपनिवेशिक ब्रिटिश काल के दौरान कैदियों की पहचान संबंधी 1920 के कानून की जगह लेने वाले ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ को बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा ‘‘यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है जिसका उद्देश्य 100 साल पुराने विधेयक में आज की परिस्थिति के अनुरूप परिवर्तित प्रौद्योगिकी का समावेश करना तथा दोषसिद्धि के प्रमाण को पुख्ता करना है।’’
यह विधेयक लोकसभा में चार अप्रैल को पारित हो चुका है।
शाह ने कहा कि कितने भी अपराधियों को पकड़ लिया जाए, उनकी दोषसिद्धि जरूरी है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार जीने वाले, समाज के बहुत बड़े वर्ग में, अपराधियों की दोषसिद्धि के बिना, कानून के प्रति विश्वास को मजबूत नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘1980 में विधि आयोग ने अपनी 87वीं रिपोर्ट में बंदी शिनाख्त अधिनियम पर पुनर्विचार करने की सिफारिश सरकार को भेजी था। इस पर कई बार चर्चा हुई। हमने सरकार बनने के बाद राज्यों से चर्चा की, अनेक प्रकार के सुझाव लिये गये। सभी को समाहित करते हुए और दुनियाभर में अपराध प्रक्रिया में दोषसिद्धि के लिए इस्तेमाल अनेक प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद यह विधेयक लाया गया है।’’
आयोग की विभिन्न सिफारिशों के अलावा विभिन्न कानूनों फैसलों में भी इसी तरह की भावना सामने आई। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से जांच, विश्लेषण, प्रदेश तथा जिले में अपराध का विश्लेषण आदि विभिन्न पहलुओं को शामिल कर यह विधेयक तैयार किया गया है।
इस विधेयक में दोषियों और अपराध के मामले में गिरफ्तार लोगों का विभिन्न प्रकार का ब्यौरा एकत्र करने की अनुमति देने की बात कही गई है जिसमें अंगुली एवं हथेली की छाप या प्रिंट, पैरों की छाप, फोटो, आंखों की पुतली, रेटिना और लिखावट के नमूने आदि शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि दंड प्रक्रिया पहचान विधेयक 2022 ऐसे व्यक्तियों का समुचित शरीरिक माप लेने का विधिक उपबंध करता है। यह अपराध की जांच को अधिक दक्ष बनायेगा और दोषसिद्धि दर में वृद्धि करने में सहायता करेगा।
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