देश की खबरें | न्यायालय ने कांवड़ यात्रा की अनुमति देने के उप्र सरकार के फैसले पर केंद्र एवं राज्यों को नोटिस भेजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच कांवड़ यात्रा की अनुमति देने के उत्तर प्रदेश सरकार के ‘‘चिंतित करने वाले’’ फैसले का बुधवार को स्वत: संज्ञान लिया और इस मामले पर ‘‘अलग-अलग राजनीतिक मत होने के मद्देनजर’’ केंद्र, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड की सरकारों से जवाब मांगा।

नयी दिल्ली, 14 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच कांवड़ यात्रा की अनुमति देने के उत्तर प्रदेश सरकार के ‘‘चिंतित करने वाले’’ फैसले का बुधवार को स्वत: संज्ञान लिया और इस मामले पर ‘‘अलग-अलग राजनीतिक मत होने के मद्देनजर’’ केंद्र, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड की सरकारों से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड-19 को रोकने के प्रयासों में कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा कि 25 जुलाई से धार्मिक यात्रा शुरू करने की अनुमति देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बाद लोग हैरान हैं।

शीर्ष अदालत ने केंद्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को नोटिस जारी किए और मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया। पीठ ने कहा कि उसे यह पढ़कर ‘‘थोड़ी चिंता’’ हुई कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कावड़ यात्रा की अनुमति देने का फैसला किया है, जबकि उत्तराखंड ने दूरदर्शिता दिखाते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।

पीठ ने कहा, ‘‘(समाचार पत्र में) इस शीर्षक से ठीक ऊपर प्रधानमंत्री के उस बयान के बारे में लिखा था, जो उन्होंने पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्रियों के साथ मुलाकात के दौरान दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग, भारत के नागरिकों पर कोविड-19 की तीसरी लहर के खतरे के बारे में सवाल करते हैं, इसे रोकना हमारी जिम्मेदारी है और हम ‘‘थोड़ा सा भी’’ समझौता नहीं कर सकते।’’

उसने कहा, ‘‘एक ही समय पर व्यक्त किए गए विभिन्न राजनीतिक मतों के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण है कि भारत के संबंधित सचिव इस समाचार के संबंध में जवाब दें। यात्रा 25 जुलाई, 2021 से आरंभ होनी है, ऐसे में इस मामले की सुनवाई कम समय में करने की आवश्यकता है।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि 16 जुलाई, 2021 यानी शुक्रवार सुबह तक हलफनामे दाखिल किए जाएं, जिनमें भारत संघ के संबंधित सचिव उत्तराखंड राज्य के प्रधान सचिव और उत्तर प्रदेश राज्य के प्रधान सचिव उपरोक्त समाचारों पर जवाब दें। उसने रजिस्ट्री को इस आदेश की प्रति प्रधान न्यायाधीश को भेजने का निर्देश दिया और कहा, ‘‘हम संबंधित सरकारों का नजरिया जानना चाहते हैं।’’

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर का खतरा जताए जाने के बावजूद 25 जुलाई से यात्रा की मंगलवार को अनुमति दे दी। उत्तराखंड सरकार ने वैश्विक महामारी के मद्देनजर कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है।

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