देश की खबरें | अदालत ने बलात्कार के आरोपी को बरी किया, महिला के खिलाफ झूठी गवाही की कार्यवाही का निर्देश

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया और फर्जी मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ झूठी गवाही की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।

मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज अग्रवाल ने कहा कि प्रतिष्ठा बनाने में पूरा जीवन लग जाता है, लेकिन कुछ झूठ इसे नष्ट कर सकते हैं।

आरोपी व्यक्ति के खिलाफ 23-24 नवंबर 2019 की रात को यहां एक होटल में शिकायतकर्ता के साथ बलात्कार करने का आरोप था।

अदालत ने आरोपी को बरी करते हुए चार अप्रैल को अपने फैसले में कहा, "रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता महिला ने इस अदालत के समक्ष गलत बयान दिया और बलात्कार/धमकी की झूठी कहानी गढ़ी।"

अदालत ने कहा कि महिला ने अतीत में अलग-अलग व्यक्तियों के खिलाफ बलात्कार और छेड़छाड़ के छह समान मामले दर्ज कराए थे और दिल्ली पुलिस के अनुसार, वह "छेड़छाड़ की झूठी शिकायत करने की आदी थी।"

अदालत ने कहा कि उसके बयानों में "अंतर्निहित विरोधाभास" था।

न्यायाधीश ने कहा कि केवल बरी कर देने से आरोपी के पीड़ा की भरपाई नहीं हो सकती, जिसे झूठे मामले के आधार पर बलात्कार और आपराधिक धमकी के जघन्य अपराध के लिए "मुकदमे के आघात" से गुजरना पड़ा।

न्यायाधीश ने महिला के खिलाफ झूठी गवाही की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश देते हुए कहा, "प्रतिष्ठा बनाने में पूरा जीवन लग जाता है, लेकिन इसे नष्ट करने के लिए कुछ झूठ ही काफी होते हैं।"

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