देश की खबरें | समिति ने जमानत मानदंडों पर फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह की दलील को खारिज किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) ने फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर मालविंदर मोहन सिंह की दलील को खारिज कर दिया जिसमें विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत देने के मानदंडों को चुनौती दी गयी थी।
नयी दिल्ली, 21 जून दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) ने फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर मालविंदर मोहन सिंह की दलील को खारिज कर दिया जिसमें विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत देने के मानदंडों को चुनौती दी गयी थी।
उच्च न्यायालय ने सिंह की अंतरिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था जिसके बाद उन्होंने अपना पक्ष रखा। उच्च न्यायालय ने उन्हें स्वतंत्रता दी थी कि यदि वह अदालत के मानदंडों से संतुष्ट नहीं हैं तो समिति के समक्ष जा सकते हैं।
यह भी पढ़े | Coronavirus: मथुरा का प्रसिद्ध गुरु पूर्णिमा मेला कोविड-19 की वजह से हुआ रद्द.
सिंह को रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के धन के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ धोखाधड़ी और धनशोधन के अपराधों के लिए भी प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं।
उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए खचाखच भरी जेलों का निरीक्षण करने के लिए ऐसी समितियों के गठन का आदेश दिया था तो उसने समितियों को यह तय करने का पूर्ण विवेकाधिकार प्रदान किया कि किस श्रेणी के कैदी को अंतरिम जमानत या पैरोल पर छोड़ा जा सकता है।
यह भी पढ़े | जम्मू-कश्मीर: आतंकवाद पर सेना का कड़ा प्रहार, पहली बार 4 महीनों में 4 आतंकी संगठनों के चीफ का खात्मा.
समिति ने कहा, ‘‘इसके मद्देनजर समिति की राय है कि यह तर्क अनुपयुक्त है और इसलिए इसे खारिज किया जाता है।’’
एचपीसी ने कहा कि सिंह को संबंधित अदालतों के समक्ष जमानत अर्जी दाखिल करने की आजादी है और अदालत इस पर कानून के अनुसार विचार करेंगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)