देश की खबरें | किसान आंदोलन को वैश्विक हस्तियों के समर्थन पर भाजपा ने कहा, नहीं चाहिए विदेशी ताकतों से प्रमाणपत्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सत्ताधारी भाजपा ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का विदेश की कुछ हस्तियों द्वारा समर्थन किए जाने को बृहस्पतिवार को देश को अस्थिर करने का प्रयास बताया और कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विदेशी ताकतों से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
नयी दिल्ली, चार फरवरी सत्ताधारी भाजपा ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन का विदेश की कुछ हस्तियों द्वारा समर्थन किए जाने को बृहस्पतिवार को देश को अस्थिर करने का प्रयास बताया और कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विदेशी ताकतों से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन का जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग सहित कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने समर्थन किया है।
पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक है लेकिन भारत के आंतरिक मामलों में विदेशियों का हस्तक्षेप करना गलत है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लोकतंत्र को किसी विदेशी ताकत के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। यदि वे देश को कमजोर करने की कोशिश करेंगे तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इन विदेशी ताकतों के खिलाफ देश एकजुट है और भारत में विदेशी ताकतों को परास्त करने की ताकत है।’’
भाटिया ने विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस से आत्मचिंतन करने को कहा। उन्होंने कहा कि इन दलों को समझना चाहिए कि उनका अस्तित्व तभी रहेगा, जब भारत मजबूत रहेगा।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह चुनौती नहीं है बल्कि भारत के खिलाफ एक एजेंडा है और थनबर्ग उसका हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की संसद द्वारा पारित कानूनों पर हस्तक्षेप करने का उनका कोई अधिकार नहीं है। यह भारत को अस्थिर करने की योजना का हिस्सा है।’’
थनबर्ग द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए दस्तावेज (टूल किट) की चर्चा करते हुए भाटिया ने उसे ‘‘अराजकता’’ की ‘‘स्कूल किट’’ बताया और कहा कि इससे एक बड़ा ये खुलासा हुआ कि लोकतंत्र के खिलाफ बहुत बड़ा षड़यंत्र किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘वो ताकतें, जो भारत की प्रगति से परेशान हैं, जो नहीं चाहते कि भारतीय लोकतंत्र की तारीफ विश्व में आगे भी हो और जो चाहते हैं कि हमारे देश की आर्थिक और सामाजिक मजबूती और सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट किया जाए, उनके द्वारा एक अंतराष्ट्रीय साजिश रची जा रही है।’’
उन्होंने कहा कि 133 करोड़ भारतीयों की ताकत कुछ लोगों के आंखों की किरकिरी बन गई है।
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