देश की खबरें | आजादी के अमृत महोत्सव की बदौलत देश आजादी के कई वास्तविक नायकों को जान सका: धनखड़

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को केंद्र सरकार के कार्यक्रम ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ की सराहना की और कहा कि शुक्र है कि संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों की बदौलत देश के लोगों को आजादी के उन ‘‘वास्तविक नायकों के बारे में जानकारी मिली, जिन्हें प्रसिद्धि नहीं मिल सकी थी’’।

नयी दिल्ली, 27 सितंबर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को केंद्र सरकार के कार्यक्रम ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ की सराहना की और कहा कि शुक्र है कि संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों की बदौलत देश के लोगों को आजादी के उन ‘‘वास्तविक नायकों के बारे में जानकारी मिली, जिन्हें प्रसिद्धि नहीं मिल सकी थी’’।

यहां विज्ञान भवन में 2018-19 के राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्वच्छ भारत अभियान सहित केंद्र सरकार की अन्य पहलों को भी सराहा और कहा कि देश में फिर से चीतों को लाए जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है और इसके लिए 2022 के वर्ष से बेहतर कुछ नहीं हो सकता, जो कि आजादी का अमृत महोत्सव है। यह हमें अपने भीतर झांकने और उन लोगों को जानने का एक दुर्लभ अवसर है जिन्होंने हमें यहां तक पहुंचाने में मदद की। हम अपने इतिहास की प्रामाणिकता और भव्यता से अवगत हैं।’’

केंद्र सरकार भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है और इससे संबंधित आयोजनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च 2021 को इसकी शुरूआत की थी। यह समारोह 15 अगस्त 2023 तक जारी रहेगा।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के जरिए कई गुमनाम नायकों को सामने लाया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दावे से कहता हूं कि कुछ साल पहले यदि हमें आजादी दिलाने वाले नायकों के नाम लोगों से पूछे जाते तो दहाई के आंकड़े तक पहुंच पाना मुश्किल होता था। अब हम सौ का आंकड़ा पार कर चुके हैं। संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों का नतीजा है कि हम असली नायकों को जान सकें, जिन्हें प्रसिद्धि नहीं मिली थी।’’

उन्होंने कहा कि पिछले दो साल कोविड-19 महामारी की वजह से बहुत कठिन रहे और इस वजह से पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि देश अब मुश्किल दौर से आगे निकल चुका है।

कोविड महामारी की वजह से राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार का आयोजन दो सालों के बाद हुआ है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय यह पुरस्कार वितरित करता है।

इस बार उत्तराखंड को पर्यटन के विकास की श्रेणी में पहला स्थान मिला जबकि महाराष्ट्र दूसरे और तेलंगाना तीसरे पायदान पर रहा।

इस समारोह के दौरान केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी, संस्कृति व पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट, इस मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह भी मौजूद थे।

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