हैदराबाद, दो जुलाई तेलंगाना सरकार ने सिगाची इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक इकाई में हुए विस्फोट के मूल कारणों की पहचान तथा उससे संबंधित घटनाओं की कड़ियां स्थापित करने के लिए बुधवार को विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के आदेश जारी किए।
इस इकाई में 30 जून को विस्फोट होने और आग लगने से 38 लोगों की मौत हो गयी थी।
इस समिति को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है तथा उसे उसमें विशिष्ट सुझाव और सिफारिशें देनी हैं।
आदेश में कहा गया है कि समिति का नेतृत्व सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान के एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ बी वेंकटेश्वर राव करेंगे।
समिति यह भी अध्ययन करेगी कि इस औद्योगिक इकाई में श्रमिक सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन किया जाता है या नहीं। समिति यह भी परखेगी कि कारखाने में कंपनी प्रबंधन को रासायनिक और औद्योगिक प्रक्रियाओं के अनुपालन में जिन रासायनिक और औद्योगिक प्रक्रियाओं को पालन करना है, उन प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है या नहीं, अथवा उसमें कोई कमी थी।
समिति को भविष्य में इसी तरह की रासायनिक और दवा औद्योगिक इकाइयों में ऐसी घटनाओं से बचने या रोकने के लिए आगे का रास्ता सुझाना है।
आदेश में कहा गया है कि तेलंगाना के फैक्टरी निदेशक समिति की सहायता करेंगे और जांच के दौरान उसे जरूरी जानकारी देंगे।
तीस जून को राज्य सरकार ने सिगाची इंडस्ट्रीज प्लांट विस्फोट की घटना की जांच के लिए मुख्य सचिव रामकृष्ण राव की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की पांच सदस्यीय समिति गठित की थी।
समिति में रामकृष्ण राव के अलावा, आपदा प्रबंधन के विशेष मुख्य सचिव, श्रम विभाग के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य सचिव और अग्निशमन सेवाओं के अतिरिक्त महानिदेशक सदस्य हैं।
इस बीच, श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण और कारखानों के प्रधान सचिव एम दाना किशोर ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि उन्होंने जांच समिति के सदस्यों के साथ एक बैठक की और कुछ विशेषज्ञों ने भी वीडियो कांन्फ्रेंस के जरिए इसमें भाग लिया।
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