तमिलनाडु सरकार ने विदेश मंत्रालय से ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों का वापस लाने के लिए मदद मांगी
ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों में से 650 मछुआरे तमिलनाडु के हैं। राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय से उनकी वापसी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
चेन्नई, 20 अप्रैल तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह ईरान में भारतीय दूतावास को वहां फंसे 1,000 भारतीय मछुआरों के भोजन और अन्य बुनियादी वस्तुओं की व्यवस्था करने का निर्देश दे।
ईरान में फंसे भारतीय मछुआरों में से 650 मछुआरे तमिलनाडु के हैं। राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय से उनकी वापसी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में कहा कि फरवरी से ये मछुआरे ईरान के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। ये लोग और इनके परिजन राज्य सरकार से बार -बार अनुरोध कर रहे हैं।
पलानीस्वामी ने फरवरी में भी यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि भारत के लगभग 1,000 मछुआरे चिरुइह, किश, लवन, बंदर-ए-मोगाम, असालुयह और ईरान के विभिन्न स्थानों में फंसे हुए हैं।
उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘फंसे हुए मछुआरों और उनके परिवारों की तरफ से भोजन, पानी और अन्य बुनियादी वस्तुएं मुहैया कराने के लिए तमिलनाडु सरकार के पास बार-बार अनुरोध आ रहे हैं। मुझे यह भी बताया गया है कि वे पर्याप्त भोजन और आवश्यक वस्तुओं के बिना विदेश में परेशानी झेल रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए मैं आपके कार्यालय से अनुरोध करता हूं कि वह ईरान में भारत के दूतावास को इन मछुआरों के लिए फिर से भोजन, पानी और अन्य बुनियादी जरूरतों की व्यवस्था करने का निर्देश दे और उनके भारत लौटने की भी व्यवस्था करे।’’
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