देश की खबरें | तमिलनाडु: वेंगावायल जाति अपराध मामले में आरोपपत्र दायर, माकपा ने सीबीआई जांच की मांग की
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चेन्नई, 24 जनवरी तमिलनाडु पुलिस की अपराध शाखा सीआईडी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए बनी पानी की टंकी में मानव मल मिलाने से संबंधित मामले की जांच पूरी कर ली और तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
घटना वर्ष 2022 में वेंगावायल गांव की है।
हालांकि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की तमिलनाडु इकाई के सचिव पी शनमुगम ने दावा किया कि मौजूदा आरोप पत्र ‘अस्वीकार्य’ है क्योंकि इसमें प्रभावित समुदाय के सदस्यों पर ही आरोप लगाया गया है।
उन्होंने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच के लिए मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की अपील की।
उन्होंने कहा, “पीने के पानी की टंकी (पुदुकोट्टई जिले के वेंगावायल में) में मल मिलाने का जो कारण बताया गया है, वह अस्वीकार्य है। सीबी-सीआईडी दो साल पुराने मामले को बंद करने के लिए बाध्य है।”
शनमुगम ने यहां एक बयान में कहा, “सीबी-सीआईडी का यह आरोप कि प्रभावित समुदाय अपराध के लिए जिम्मेदार है, उचित नहीं है।”
इससे पहले दिन में, सीबी-सीआईडी ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि उसने मामले के संबंध में तीन व्यक्तियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।
सीबी-सीआईडी ने संकेत दिया कि यह घटना आरोपी व्यक्तियों और पंचायत अध्यक्ष के पति के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुई थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता जीएस मणि ने दावा किया कि मामला शुरू में एससी टी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था और वर्तमान आरोपपत्र में उक्त अधिनियम के तहत किसी अपराध का उल्लेख नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि पानी में गंदगी मिले होने से अनजान ग्रामीणों ने पानी पी लिया और उनमें से कुछ लोग दिसंबर 2022 में बीमार हो गए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
पुदुकोट्टई सरकारी अस्पताल में उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों ने ग्रामीणों को पीने के पानी के संभावित गंदा होने के बारे में सचेत किया।
इसके बाद, स्थानीय निवासियों ने पानी की टंकी की जांच की तो उसमें मानव मल पाया गया, जिसे देखकर वे काफी हैरान हुए।
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